Advertisements
Advertisements
Question
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
वयम् आनन्देन एकत्र निवसामः ।(लटलकारस्थाने लङ्लकार योजयत।)
Solution
वयम् आनन्दन एकत्र न्यवसाम | ।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
त्वं प्रयत्नेन कृषिकार्यं करोषि। ("त्वं" स्थाने "भवान्" योजयत।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
भूमातुः उपदेशं मनसि निधाय पृथुवैन्यः कृषिकार्यम् अकरोत् । (भूमातुः स्थाने 'भूमि' शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत ।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
रथस्यैकम् ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विद्याविहीनः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चरणविकल: | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
सकोपम् | ______ | _____ |
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
वयं तु केवलं तस्य महाभागस्य नामधेयं जानीमः ।
(वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
महाविद्यालये कणादविषयकाणि पुस्तकानि सन्ति। (वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
पूजार्थम् | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
कणादमुनि: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
नीरजम् | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
रज्जवे | ______ | ______ | चतुर्थी |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अहं बालैः सह पत्रक्रीडायां मनः आसम् ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
वनस्पतिगतः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत -
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
मातृसेवा | ______ | ______ |
वयं कार्यरता: स्याम ।
(लोट् लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शसेव्यःतृ / शानच् |
सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञात: | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
एते सर्वेऽपि ______ सहभागिनः ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
भरतमुनिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अम्भोदाः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
सावधानमनः | ______ | ______ |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
खाद् (९ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२८ - ______
लकारं लिखत ।
काकः उपादिशत् ।- ______
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
लकारं लिखत ।
आत्मा कृतार्थतां लभताम् ।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३० - ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
अल्पधी: | ______ | ______ |
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)