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टिप्पणी लिखिए। विभाजी ऊतक - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

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Question

टिप्पणी लिखिए।

विभाजी ऊतक

Short Note

Solution

वनस्पतियों के निश्चित भाग में रहने वाले विभाजी ऊतकों के कारण उस भाग में वृद्‌धि होती है। इस ऊतक की कोशिका में स्पष्ट केंद्रक, गाढ़ा जीवद्रव्य व चारों ओर पतली दीवारोंवाली कोशिकाओं की रचना झुरमुट जैसी होती है। इन कोशिकाओं में बहुधा रिक्तिका नहीं होती। ये कोशिकाएँ अतिशय क्रियाशील होती हैं। वनस्पतियों में वृद्‌धि करना विभाजी ऊतक का महत्त्वपूर्ण कार्य है। विभाजी ऊतक किस भाग में हैं, इस आधार पर वे तीन प्रकार में विभाजित होता हैं।

आकृति स्थान कार्य
प्ररोह विभाजी ऊतक: जड़ व तनों की शिराओं में होते हैं। जड़ व तनों का घेर व मोटाई बढ़ाना।
आंतरीय विभाजी ऊतक: पत्तियों के डंठल व टहनियों की तलहट में पत्तियों व फूलों की निर्मिति करना। टहनियों की वृद्‌धि करना।
पार्श्व विभाजी ऊतक: जड़ व तनों के पार्श्व भाग में। आंतरीय विभाजी ऊतक पत्तियों के डंठल व टहनियों की तलहट में
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पादप (पौधे) ऊतक - विभज्योतक (विभाजी) ऊतक
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Chapter 17: जैव प्रौद्योगिकी की पहचान - स्वाध्याय [Page 208]

APPEARS IN

Balbharati Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 17 जैव प्रौद्योगिकी की पहचान
स्वाध्याय | Q 5. अ. | Page 208
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