Advertisements
Advertisements
Question
तने की परिधि निम्नलिखित के कारण बढ़ती है ______
Options
शीर्षस्थ विभाज्योतक
पार्श्व विभाज्योतक
अंतर्विष्ट विभाज्योतक
ऊर्ध्व विभाज्योतक
Solution
पार्श्व विभाज्योतक
स्पष्टीकरण -
पौधों में द्वितीयक वृद्धि शुरू होने पर तने की परिधि बढ़ जाती है। पार्श्व विभाज्योतकी तने के इस पार्श्व या बग़ल में विकास के लिए जिम्मेदार हैं।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
विभिन्न प्रकार के मेरिस्टेम की स्थिति तथा कार्य बताओ।
पादप शारीर का अध्ययन हमारे लिए कैसे उपयोगी है?
प्ररोह का शीर्षस्थ विभंज्योतक कहाँ पाया जाता है?
पादपों में विभाज्योतक ऊतक -
निम्न में से किसमें उपास्थि नहीं पाई जाती है -
निम्नलिखित में से कौन-सी कोशिकाएँ शरीर के उपास्थिमय ऊतकों में पाई जाती हैं?
एक लंबे वृक्ष में अनेक शाखाएँ होती हैं। इन सभी शाखाओं में जल के पार्श्वीय संवहन में सहायता में करने वाले ऊतक हैं -
पादपों में विभाज्योतक एवं स्थायी ऊतकों में भेद कीजिए।
नीचे पूछे गए ऊतक का नाम लिखिए।
तनों की मोटाई बढ़ाने वाले ऊतक
टिप्पणी लिखिए।
विभाजी ऊतक