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उपाध्याय बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' की पहली झलक लेखक ने किस प्रकार देखी? - Hindi (Elective)

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Question

उपाध्याय बदरीनारायण चौधरी 'प्रेमघन' की पहली झलक लेखक ने किस प्रकार देखी?

Answer in Brief

Solution

लेखक के पिता की बदली, मिर्जापुर के बाहर नगर में हुई थी। वहाँ रहते हुए उन्हें एक दिन ज्ञात हुआ कि भारतेन्दु हरिश्चंद्र के सखा जिनका नाम उपाध्याय बदरीनारायण चौधरी है और जो 'प्रेमघन' उपनाम से लिखते हैं, वे यहाँ रहते हैं। लेखक उन्हें मिलने को आतुर हो उठा और अपने मित्रों की मंडली के साथ योजना अनुसार एक-डेढ़ मिल चलकर उनके घर के नीचे जा खड़ा हुआ। इसके लिए उन्होंने ऐसे बालकों को भी खोज लिया, जो उनके घर से तथा प्रेमघनजी से भली-भांति परिचित थे। उनके घर की ऊपरी बालकनी लताओं से सुज्जित थी। लेखक ऊपर की और लगातार देखता रहा कुछ देर में उसे प्रेमघन की झलक दिखाई पड़ी। उनके बाल कंधों तक लटक रहे थे। लेखक जब तक कुछ समझ पाता वे अंदर चले गए।

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प्रेमघन की छाया-स्मृति
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Chapter 2.01: रामचंद्र शुक्ल (प्रेमघन की छाया-स्मृति) - प्रश्न-अभ्यास [Page 77]

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NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 2.01 रामचंद्र शुक्ल (प्रेमघन की छाया-स्मृति)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | Page 77

RELATED QUESTIONS

लेखक ने अपने पिता जी की किन-किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?


बचपन में लेखक के मन में भारतेंदु जी के संबंध में कैसी भावना जगी रहती थी?


लेखक का हिंदी-साहित्य के प्रति झुकाव किस प्रकार बढ़ता गया?


'निस्संदेह' शब्द को लेकर लेखक ने किस प्रसंग का ज़िक्र किया है?


पाठ में कुछ रोचक घटनाओं का उल्लेख है। ऐसी तीन घटनाएँ चुनकर उन्हें अपने शब्दों में लिखिए।


"इस पुरातत्व की दृष्टि में प्रेम और कुतूहल का अद्भुत मिश्रण रहता था।" यह कथन किसके संदर्भ में कहा गया है और क्यों? स्पष्ट कीजिए।


प्रस्तुत संस्मरण में लेखक ने चौधरी साहब के व्यक्तित्व के किन-किन पहलुओं को उजागर किया है?


समवयस्क हिंदी प्रेमियों की मंडली में कौन-कौन से लेखक मुख्य थे?


'भारतेंदु जी के मकान के नीचे का यह ह्दय परिचय बहुत शीघ्र गहरी मैत्री में परिणत हो गया।'- कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।


चौधरी जी के व्यक्तित्व को बताने के लिए पाठ में कुछ मज़ेदार वाक्य आए हैं- उन्हें छाँटकर उनका संदर्भ लिखिए।


पाठ की शैली की रोचकता पर टिप्पणी कीजिए।


निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए -

चौधरी साहब एक खासे हिंदुस्तानी रईस थे। वसंत पंचमी होली इत्यादि, अवसरों पर उनके यहाँ खूब नाचरंग और उत्सव हुआ करते थे। उनकी हर एक अदा से रियासत और तबीयतदारी टपकती थी। कंधों तक बाल लटक रहे हैं। आप इधर से उधर टहल रहे हैं। एक छोटा-सा लड़का पान की तश्तरी लिए पीछे-पीछे लगा हुआ है। बात की काट-छाँट का क्या कहना है। जो बातें उनके मुँह से निकलती थीं, उनमें एक विलक्षण वक्रता रहती थी। उनकी बातचीत का ढंग उनके लेखों के ढंग से एकदम निराला होता था। नौकरों तक के साथ उनका संवाद सुनने लायक होता था।

(क) प्रस्तुत गद्यांश में किस की विशेषताओं का वर्णन किया गया है?   (1)

  1. भारतेंदु की
  2. राधेश्याम की
  3. रामचंद्र की
  4. बदरीनारायण की

(ख) चौधरी साहब एक खासे हिन्दुस्तानी रईस थे, खासे रईस से तात्पर्य है -     (1)

  1. दिखावा करने वाला
  2. उत्सव मनाने वाला
  3. गंभीर व्यक्तित्व वाला
  4. व्यंग्य करने वाला

(ग) चौधरी साहब की बातचीत के अंदाज़ से यह पता चलता है कि वे खासे हिंदुस्तानी रईस के साथ-साथ ______थे।   (1)

  1. साहित्य प्रेमी
  2. भाषानुरागी
  3. रसिक धर्मी
  4. सौन्दर्य प्रेमी

(घ) प्रस्तुत गद्यांश में 'विलक्षण वक्रता' से तात्पर्य स्पष्ट होता?    (1)

  1. मुहावरेदार
  2. कुटिलता
  3. वाक्‌ चातुर्य
  4. अनोखी वचन भंगिमा

(ङ) निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए।    (1)

कथन - हर एक अदा से रियासत और तबीयतदारी टपकती थी।'

कारण - चौधरी साहब की गिनती धनी व्यक्तियों में होती थी। सहृदयता के लिए भी प्रसिद्ध थे।

  1. कथन (A) सही है और कारण (R) सही व्याख्या है।
  2. कथन (A) और कारण (R) दोनों ही गलत है।
  3. कथन (A) सही है किंतु कारण गलत है।
  4. कथन (A) सही है किंतु कारण (R) सही व्याख्या नहीं है।

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