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Question
वैज्ञानिक कारण लिखिए।
जल-विद्युत ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा इन्हें नूतनीकरणक्षम ऊर्जा कह सकते हैं।
Solution
जलविद्युत ऊर्जा, सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा क्रमशः बहते हुए पानी, सूर्यप्रकाश तथा बहते हुए पवन की सहायता से निर्मित की जाती है। बहता हुआ पानी या जलसंचय, वेग से बहने वाली पवन, सूर्यप्रकाश इत्यादि ऊर्जास्रोत कभी न समाप्त होने वाले ऊर्जास्रोत हैं। इसके विपरीत प्राकृतिक गैस, कोयला, खनिज तेल (कच्चा तेल) इत्यादि का भंडार सीमित है। आने वाले कुछ वर्षों में ये सभी भंडार समाप्त हो सकते हैं। इन ऊर्जास्रोत को पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता है। जलविद्युतऊर्जा, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा इत्यादि ऊर्जा स्रोत कभी न समाप्त होने वाले ऊर्जा स्रोत हैं। इसलिए इन ऊर्जा स्रोतों को नूतनीकरणक्षम ऊर्जा स्रोत कहते हैं।
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