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‘वृद्धों काे दया नहीं स्नेहभरा व्यवहार चाहिए’, इसपर अपने विचार लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

‘वृद्धों काे दया नहीं स्नेहभरा व्यवहार चाहिए’, इसपर अपने विचार लिखिए।

Answer in Brief

Solution

हमारे समाज में वृद्ध लोगों को दोयम दर्जे के व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। देश में तेजी से सामाजिक परिवर्तनों का दौर चालू है और इस कारण वृद्धों की समस्याएं विकराल रूप धारण कर रही हैं। परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। मनुष्य भी इस परिवर्तन का अपवाद नहीं है। जन्म से लेकर मृत्यु तक वह कई परिवर्तनों से गुजरता है। मनुष्य का पूरा जीवन अपरिपक्वता से परिपक्वता की और एक यात्रा है। वृद्धावस्था आते ही मनुष्य की इंद्रियाँँ शिथिल होने लगती है। नव-युवकों को या नवीन पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने बुजुर्गों का सम्मान करें क्योंकि बुजुर्ग एक तो उम्र से बड़े होते हैं। दूसरा उनका अनुभव भी बड़ा होता है जिसे ध्यान में रखते हुए उसे चाहिए कि वह अपने से बड़े-बूढ़ों का सदैव सम्मान करें। उन्होंने उम्र के कई पड़ाव पार किये है। हमारे समाज में हमारे ही बुजुर्ग एकाकी रहने को विवश हैं उनके साथ उनके अपने बच्चे नहीं हैं। गावों में तो स्थिति फिर भी थोड़ी ठीक है लेकिन शहरों में तो स्थिति बिलकुल भी विपरीत है। ज्यादातर बुजुर्ग घर में अकेले ही रहते हैं, और जिनके बच्चे उनके साथ हैं वो भी अपने अपने कामों में इस हद तक व्यस्त हैं की उनकेपास अपने माता – पिता से बात करने के लिए समय ही नहीं है। बढ़ती उम्र की इस अवस्था में वे नवीन पीढ़ी से सहयोग सहदयता की अपेक्षा रखते हैं। यह उनका हक़ है, अतः उन्हें आदर और सम्मान दिया जाना चाहिए। वे अग्रिम पीढ़ी के लिए दया के पात्र कतई नहीं है।

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चीफ की दावत
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Chapter 2.02: चीफ की दावत - सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए [Page 64]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 2.02 चीफ की दावत
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए | Q (४) | Page 64
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