Advertisements
Advertisements
Question
यदि \[\ce{O -> O^-}\] तथा \[\ce{O -> O^{2-}}\] के इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी मान पता हों, जो क्रमशः 141 तथा 702 kJ mol−1 हैं तो आप कैसे स्पष्ट कर सकते हैं कि O2− स्पीशीज वाले ऑक्साइड अधिक बनते हैं न कि O– वाले?
(संकेत - यौगिकों के बनने में जालक ऊर्जा कारक को ध्यान में रखिए।)
Solution
O2– मूलक युक्त ऑक्साइडों (अर्थात् MO प्रकार के ऑक्साइड) की जालक ऊर्जा (lattice energy) का मान O2– मूलक युक्त ऑक्साइडों (अर्थात् M2O प्रकार के ऑक्साइड) की जालक ऊर्जाओं से काफी अधिक होता है क्योंकि O2– तथा M2+ पर आवेश की मात्रा अधिक होती है। इसलिए \[\ce{O -> O^{2-}}\] की इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का मान \[\ce{O -> O^-}\] के सम्बधिंत मान की तुलना में काफी अधिक होने के बाद भी MO का निर्माण M2O के निर्माण की तुलना में ऊर्जा की दृष्टि से अधिक संभाव्य है। यही कारण है कि MO प्रकार के ऑक्साइडों की संख्या M2O प्रकार के ऑक्साइडों की तुलना में काफी अधिक है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
सल्फर के महत्त्वपूर्ण स्रोतों को सूचीबद्ध कीजिए।
वर्ग 16 के तत्वों के हाइड्राइडों के तापीय स्थायित्व के क्रम को लिखिए।
H2O एक द्रव तथा H2S गैस क्यों है?
O, S, Se, Te तथा Po को इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, ऑक्सीकरण अवस्था तथा हाइड्राइड निर्माण के संदर्भ में आवर्त सारणी के एक ही वर्ग में रखने का तर्क दीजिए।
निम्नलिखित प्रत्येक समुच्चय को सामने लिखे गुणों के अनुसार सही क्रम में व्यवस्थित कीजिए –
F2, Cl2, Br2, I2 – आबंध वियोजन एन्थैल्पी बढ़ते क्रम में।