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यद्यपि उपर्युक्त प्रकथन विवादास्पद हो सकता है परन्तु अधिकांश भौतिक विज्ञानियों का यह मत है कि भौतिकी के महान नियम एक ही साथ सरल एवं सुन्दर होते हैं। - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

यद्यपि उपर्युक्त प्रकथन विवादास्पद हो सकता है परन्तु अधिकांश भौतिक विज्ञानियों का यह मत है कि भौतिकी के महान नियम एक ही साथ सरल एवं सुन्दर होते हैं। डिरैक के अतिरिक्त जिन सुप्रसिद्ध भौतिक विज्ञानियों ने ऐसा अनुभव किया उनमें से कुछ के नाम इस प्रकार हैं-आइंस्टाइन, बोर, हाइसेनबर्ग, चन्द्रशेखर तथा फाइनमैन। आपसे अनुरोध है कि आप भौतिकी के इन विद्वानों तथा अन्य महानायकों द्वारा रचित सामान्य पुस्तकों एवं लेखों तक पहुँचने के लिए विशेष प्रयास अवश्य करें। (इस पुस्तक के अन्त में दी गई ग्रंथ-सूची देखिए)। इनके लेख सचमुच प्रेरक हैं।

Long Answer

Solution

क्रमांक नाम प्रमुख योगदान/आविष्कार मूल देश

1. 

आर्किमिडीज़ उत्प्लावकता का नियम ; उत्तोलक का नियम यूनान
2.  गैलीलियो गैलिली जड़त्व का नियम इटली
3. क्रिश्चियन हाइगेस प्रकाश का तरंग सिद्धांत हॉलैण्ड
4. आइजक न्यूटन गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम, गति के नियम, परवर्ती दूरदर्शक इंग्लैण्ड
5. माइकल फैराडे विदयुत चुम्बकीय प्रेरण के नियम इंग्लैण्ड
6. जेम्स क्लार्क मैक्सवेल विदयुत चुम्बकीय सिद्धांत ; प्रकाश - एक विदयुत चुम्बकीय तरंग इंग्लैण्ड
7. हैनरिक रुडोल्फ हर्ट्स विदयुत चुम्बकीय तरंगे जर्मनी
8. जगदीशचन्द्र बोस अति लघु रेडियो तरंगे भारत
9.  डब्ल्यु. के. रॉज्जन एक्स-किरणे जर्मनी
10. जे. जे. टॉमसन इलेक्ट्रॉन इंग्लैण्ड
11. मैरी स्लोडोस्का क्यूरी रेडियम तथा पॉलोनियम की खोज ; प्राकृतिक रेडियो ऐक्टिवता का अध्ययन पोलैण्ड
12. अल्बर्ट आइंस्टाइन प्रकाश-वैद्युत नियम; आपेक्षिकता का सिद्धांत जर्मनी
13. विक्टर फ्रांसिस हैस कॉस्मिक विकिरण ऑस्ट्रिया
14. आर. ए. मिलिकन इलेक्ट्रॉन आवेश की माप अमेरिका
15. अर्नस्ट रदरफोर्ड परमाणु का नाभिकीय निदर्श न्यूजीलैण्ड
16. नील बोर हाइड्रोजन परमाणु का क्वाण्टम निदर्श डेनमार्क
17. चन्द्रशेखर वेंकटरमन अणुओं द्वारा प्रकाश का अप्रत्यास्थ प्रकीर्णन भारत
18. लुइस विक्टर दे-ब्रॉग्ली द्रव्य की तरंग प्रकृति फ्रांस
19. मेघनाथ साहा तापिक आयनन भारत
20. सत्येन्द्रनाथ बोस क्वाण्टम सांख्यिकी भारत
21. वुल्फ़गांग पाउली अपवर्जन नियम ऑस्ट्रिया
22. एनरिको फर्मी नियंत्रित नाभिकीय विखंडन इटली
23. वर्नर हाइजेनबर्ग क्वाण्टम यांत्रिकी ; अनिश्चितता -सिद्धांत जर्मनी
24. पॉल डिरैक आपेक्षिकीय इलेक्ट्रॉन-सिद्धांत ; क्वाण्टम सांख्यिकी इंग्लैण्ड
25. एडविन ह्यूबल प्रसारी विश्व अमेरिका
26. अर्नस्ट औरलैण्डो लॉरेन्स साइक्लोट्रॉन अमेरिका
27. जेम्स चैडविक न्यूट्रॉन इंग्लैण्ड
28. हिडेकी युकावा नाभिकीय बलों का सिद्धांत जापान
29. डॉ. होमी जहाँगीर भाभा कॉस्मिक विकिरण का सोपानी प्रक्रम भारत
30. लेव डेवीडोवीक लैण्डो संघनित द्रव्य सिद्धांत ; द्रव्य हीलियम रूस
31. एस. चन्द्रशेखर चन्द्रशेखर - सीमा, तारों की संरचना तथा विकास भारत
32. जॉन बारडीन ट्रांजिस्टर, अतिचालकता सिद्धांत अमेरिका
33. सी. एच. टाउन्स मेसर; लेसर अमेरिका
34. अब्दुल सलाम दुर्बल तथा विदयुत चुम्बकीय अन्योन्य क्रियाओं का एकीकरण पाकिस्तान
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भौतिकी, प्रौद्योगिकी तथा समाज
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Chapter 1: भौतिक जगत - अभ्यास [Page 14]

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NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 1 भौतिक जगत
अभ्यास | Q 1.15 | Page 14

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विज्ञान की प्रकृति से संबंधित कुछ अत्यंत पारंगत प्रकथन आज तक के महानतम वैज्ञानिकों में से एक अल्बर्ट आइंस्टाइन द्वारा प्रदान किए गए हैं। आपके विचार से आइंस्टाइन  को उस समय क्या तात्पर्य था, जब उन्होंने कहा था-“संसार के बारे में सबसे अधिक अबोधगम्य विषय यह है कि यह बोधगम्य है?”


“संभव की कला ही राजनीति है।” इसी प्रकार “समाधान की कला ही विज्ञान है।” विज्ञान की प्रकृति तथा व्यवहार पर इस सुन्दर सूक्ति की व्याख्या कीजिए।


यद्यपि अब भारत में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी का विस्तृत आधार है तथा यह तीव्रता से फैल भी रहा है, परन्तु फिर भी इसे विज्ञान के क्षेत्र में विश्व नेता बनने की अपनी क्षमता को कार्यान्वित करने में काफी दूरी तय करनी है। ऐसे कुछ महत्त्वपूर्ण कारक लिखिए जो आपके विचार से भारत में विज्ञान के विकास में बाधक रहे हैं?


दो शताब्दियों से भी अधिक समय पूर्व इंग्लैण्ड तथा पश्चिमी यूरोप में जो औद्योगिक क्रांति हुई थी उसकी चिंगारी का कारण कुछ प्रमुख वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिक उपलब्धियाँ थीं। ये उपलब्धियाँ क्या थीं?


प्रायः यह कहा जाता है कि संसार अब दूसरी औद्योगिक क्रांति के दौर से गुजर रहा है, जो समाज में पहली क्रांति की भाँति आमूल परिवर्तन ला देगी। विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के उन प्रमुख समकालीन क्षेत्रों की सूची बनाइए जो इस क्रांति के लिए उत्तरदायी हैं।


बाईसवीं शताब्दी के विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी पर अपनी निराधार कल्पनाओं को आधार मानकर लगभग 1000 शब्दों में कोई कथा लिखिए।


'विज्ञान के व्यवहार' पर अपने ‘नैतिक' दॄष्ष्टिकोणों को रचने का प्रयास कीजिए। कल्पना कीजिए कि आप स्वयं किसी संयोगवश ऐसी खोज में लगे हैं जो शैक्षिक दॄष्टि से रोचक है। परन्तु उसके परिणाम निश्चित रूप से मानव समाज के लिए भयंकर होने के अतिरिक्त कुछ नहीं होंगे। फिर भी यदि ऐसा है तो आप इस दविधा के हल के लिए क्या करेंगे?


किसी भी ज्ञान की भाँति विज्ञान का उपयोग भी, उपयोग करने वाले पर निर्भर करते हुए, अच्छा अथवा बुरा हो सकता है। नीचे विज्ञान के कुछ अनुप्रयोग दिए गए हैं। विशेषकर कौन-सा अनुप्रयोग अच्छा है, बुरा है अथवा ऐसा है कि जिसे स्पष्ट रूप से वर्गबद्ध नहीं किया जा सकता? इसके बारे में अपने दृष्टिकोणों को सूचीबद्ध कीजिए-

  1. आम जनता को चेचक के टीके लगाकर इस रोग को दबाना और अन्ततः इस रोग से जनता को मुक्ति दिलाना। (भारत में इसे पहले ही प्रतिपादित किया जा चुका है।)
  2. निरक्षरता का विनाश करने तथा समाचारों एवं धारणाओं के जनसंचार के लिए टेलीविजन।
  3. जन्म से पूर्व लिंग-निर्धारण।
  4. कार्यदक्षता में वृद्धि के लिए कम्प्यूटर।
  5. पृथ्वी के परितः कक्षाओं में मानव-निर्मित उपग्रहों की स्थापना।
  6. नाभिकीय शस्त्रों का विकास।
  7. रासायनिक तथा जैव-युद्ध की नवीन तथा शक्तिशाली तकनीकों का विकास।
  8. पीने के लिए जल का शोधन।
  9. प्लास्टिक शल्य क्रिया।
  10. क्लोनिंग ।

भारत में गणित, खगोलिकी, भाषा विज्ञान, तर्क तथा नैतिकता में महान विद्वत्ता की एक लंबी एवं अटूट परम्परा रही है। फिर भी इसके साथ एवं समान्तर, हमारे समाज में बहुत से अंधविश्वासी तथा रूढ़िवादी दृष्टिकोण व परम्पराएँ फली-फूली हैं और दुर्भाग्यवश ऐसा अभी भी हो रहा है और बहुत-से शिक्षित लोगों में व्याप्त है। इन दृष्टिकोणों का विरोध करने के लिए अपनी रणनीति बनाने में आप अपने विज्ञान के ज्ञान का उपयोग किस प्रकार करेंगे?


विज्ञान की पाठ्य-पुस्तकें आपके मन में यह गलत धारणा उत्पन्न कर सकती हैं कि विज्ञान पढ़ना शुष्क तथा पूर्णतः अत्यंत गंभर है एवं वैज्ञानिक भुलक्कड़, अंतर्मुखी, कभी न हँसने वाले अथवा खीसे निकालने वाले व्यक्ति होते हैं। विज्ञान तथा वैज्ञानिकों का यह चित्रण पूर्णतः आधारहीन है। अन्य समुदाय के मनुष्यों की भाँति वैज्ञानिक भी विनोदी होते हैं। तथा बहुत से वैज्ञानिकों ने तो अपने वैज्ञानिक कार्यों को गंभीरता से पूरा करते हुए अत्यंत विनोदी प्रकृति के साथ साहसिक कार्य करके अपना जीवन व्यतीत किया है। गैमो तथा फाइनमैन इसी शैली के दो भौतिक विज्ञानी हैं। ग्रंथ सूची में उनके द्वारा रचित पुस्तकों को पढ़ने में आपको आनन्द प्राप्त होगा।


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