SSC (English Medium)
SSC (Marathi Medium)
SSC (Marathi Semi-English)
Academic Year: 2021-2022
Date & Time: 21st March 2022, 10:30 am
Duration: 3h30m
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सूचनाएँ —
- सूचनाओं के अनुसार गद्य, पद्य तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन का ही प्रयोग करें।
- रचना विभाग में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
- शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
दर्द के मारे एक तो मरीज को वैसे ही नींद नहीं आती, यदि थोड़ी-बहुत आ भी जाए तो मिलने वाले जगा देते हैं- खास कर वे लोग जो सिर्फ औपचारिकता निभाने आते हैं। इन्हें मरीज से हमदर्दी नहीं होती, ये सिर्फ सूरत दिखाने जाते हैं। ऐसे में एक दिन मैंने तय किया कि आज कोई भी आए, मैं आँख नहीं खोलूँगा। चुपचाप पड़ा रहूँगा। ऑफिस के बड़े बाबू आए और मुझे सोया जानकर वापस जाने के बजाय वे सोचने लगे कि यदि मैंने उन्हें नहीं देखा तो कैसे पता चलेगा कि वे मिलने आए थे। अत: उन्होंने मुझे धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। फिर भी जब आँखें नहीं खुलीं तो उन्होंने मेरी टाँग के टूटे हिस्से को जोर से दबाया। मैंने दर्द के मारे कुछ चीखते हुए जब आँख खोली तो वे मुस्कराते हुए बोले- “कहिए, अब दर्द कैसा है?” मुहल्लेवाले अपनी फुरसत से आते हैं। उस दिन जब सोनाबाई अपने चार बच्चों के साथ आई तो मुझे लगा कि आज फिर कोई दुर्घटना होगी। आते ही उन्होंने मेरी ओर इशारा करते हुए बच्चों से कहा- “ये देखो चाचा जी !” उनका अंदाज कुछ ऐसा था जैसे चिड़ियाघर दिखाते हुए बच्चों से कहा जाता है- “ये देखो बंदर।” |
(1) लिखिए: (2)
औपचारिकता निभाने वालों की विशेषताएँ:
- ______
- ______
(2) आकृति में लिखिए: (2)
(3) (1) गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: (1)
- ______
- ______
(2) लिखिए: (1)
(4) ‘मरीज से मिलने जाते समय कौन-कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए। (2)
Chapter: [0.0103] वाह रे ! हमदर्द
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गईं सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
अम्मा बताती हैं- हमारी शादी में चढ़ावे के नाम पर सिर्फ पाँच ग्राम सोने के गहने आए थे, लेकिन जब हम विदा होकर रामनगर आए तो वहाँ उन्हें मुँह दिखाई में गहने मिले। सभी नाते-रिश्तेवालों ने कुछ-न-कुछ दिया था। जिन दिनों हम लोग बहादुरगंज के मकान में आए, उन्हीं दिनों तुम्हारे बाबू जी के चाचा जी को कोई घाटा लगा था। किसी तरह से बाकी का रुपया देने की जिम्मेदारी हम पर आ पड़ी-बात क्या थी, उसकी ठीक से जानकारी लेने की जरूरत हमने नहीं सोची और न ही इसके बारे में कभी कुछ पूछताछ की। एक दिन तुम्हारे बाबू जी ने दुनिया की मुसीबतों और मनुष्य की मजबूरियों को समझाते हुए जब हमसे गहनों की माँग की तो क्षण भर के लिए हमें कुछ वैसा लगा और गहना देने में तनिक हिचकिचाहट महसूस हुई पर यह सोचा कि उनकी प्रसन्नता में हमारी खुशी है, हमने गहने दे दिए। केवल टीका, नथुनी, बिछिया रख लिए थे। वे हमारे सुहागवाले गहने थे। उस दिन तो उन्होंने कुछ नहीं कहा, पर दूसरे दिन वे अपनी पीड़ा न रोक सके। कहने लगे- “तुम जब मिरजापुर जाओगी और लोग गहनों के संबंध में पूछेंगे तो क्या कहोगी?” |
(1) आकृति में लिखिए: (2)
(i)
(ii)
(2) निम्नलिखित वाक्य उचित क्रम लगाकर लिखिए: (2)
- मुँह दिखाई में गहने मिले।
- बाबू जी अपनी पीड़ा न रोक सके।
- विदा होकर रामनगर आना।
- पाँच ग्राम सोने के गहने आना।
(3) वचन परिवर्तन करके लिखिए: (2)
- रिश्ता -
- दिन -
- शादी -
- मुसीबत -
(4) ‘पारिवारिक सुख-दुख में प्रत्येक का सहभाग’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)
Chapter: [0.020499999999999997] ईमानदारी की प्रतिमूर्ति
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
उन दिनों बापू की हिन्दी अच्छी नहीं थी, पर वे अपनी अट-पट वाणी में ही अपना सारा आशय कह डालते थे। वे शब्दों में बोलते कहाँ थे, उनका हृदय बोलता था। उनका व्यक्तित्व बोलता था, उनकी साधना बोलती थी और उनके बोल हृदय में घुल जाते थे, कान बेकार खड़े रहते थे। मैं बहुत दिन यही समझता रहा कि ‘वक्त के साथ दगाबाजी’ बापू की अट-पटी हिन्दी का एक नमूना है। पता नहीं, वे क्या कहना चाहते थे और हिन्दी में उनको यही शब्द सुलभ हो पाए। पर जब सोचता हूँ बापू बिल्कुल यही कहना चाहते थे और जो वे कहना चाहते थे, उसको दूसरे शब्दों में नहीं कहा जा सकता। एक शब्द एक मात्रा से कम नहीं। बापू बनिया थे, अपने बनियेपन पर उन्हें गर्व था। शायद शब्दों के मामले में वे सबसे अधिक बनिये थे। न जरूरत से ज्यादा न जरूरत से कम। और हर शब्द सच्चा, खरा यथार्थ भरा। |
(1) संजाल पूर्ण कीजिए: (2)
(2) ‘वाणी का महत्व’ इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार व्यक्त कीजिए। (2)
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
घन घमंड नभ गरजत घोरा। प्रिया हीन डरपत मन मोरा।। दामिनि दमक रहहिं घन माहीं। खल कै प्रीति जथा थिर नाहीं।। बरषहिं जलद भूमि निअराएँ। जथा नवहिं बुध विद्या पाएँ।। बूँद अघात सहहिं गिरि कैसे। खल के बचन संत सह जैसे।। छुद्र नदी भरि चली तोराई। जस थोरेहुँ धन खल इतराई।। भूमि परत भा ढाबर पानी। जनु जीवहिं माया लपटानी।। समिटि-समिटि जल भरहिं तलावा। जिमि सदगुन सज्जन पहिं आवा।। सरिता जल जलनिधि महुँ जाईं। होई अचल जिमि जिव हरि पाई।। |
(1) लिखिए: (2)
पद्यांश में आए जल स्रोत-
- ______
- ______
- ______
- ______
(2) निम्न शब्दों के लिए पद्यांश में प्रयुक्त समानार्थी शब्द लिखिए: (2)
- गगन -
- पर्वत -
- बिजली -
- दुष्ट -
(3) उपर्युक्त पद्यांश की अंतिम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Chapter: [0.020099999999999996] बरषहिं जलद
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
चरित थे पूत, भुजा में शक्ति, नम्रता रही सदा संपन्न हृदय के गौरव में था गर्व, किसी को देख न सके विपन्न । हमारे संचय में था दान, अतिथि थे सदा हमारे देव वचन में सत्य, हृदय में तेज, प्रतिज्ञा में रहती थी टेव । वही है रक्त, वही है देश, वही साहस है, वैसा ज्ञान वही है शांति, वही है शक्ति, वही हम दिव्य आर्य संतान । जिएँ तो सदा इसी के लिए, यही अभिमान रहे यह हर्ष निछावर कर दें हम सर्वस्व, हमारा प्यारा भारतवर्ष । |
(1) उचित जोड़ियाँ मिलाकर लिखिए: (2)
अ | आ | |
(i) | ______ | ______ |
(ii) | ______ | ______ |
(iii) | ______ | ______ |
(iv) | ______ | ______ |
(2) (i) उपसर्ग और प्रत्यय लगाकर नये शब्द लिखिए: (1)
उपसर्गयुक्त | नम्र | प्रत्यययुक्त |
______ | ______ |
(ii) निम्न शब्दों के लिए पद्यांश में आए विलोमार्थी शब्द लिखिए: (1)
- अज्ञान ×
- दानव ×
(3) पद्यांश की प्रारंभिक चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Chapter: [0.0101] भारत महिमा
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
रात का समय था। बुद्धिराम के द्वार पर शहनाई बज रही थी और गाँव के बच्चों का झुंड विस्मयपूर्ण नेत्रों से गाने का रसास्वादन कर रहा था। चारपाइयों पर मेहमान विश्राम कर रहे थे। दो-एक अंग्रेजी पढ़े हुए नवयुवक इन व्यवहारों से उदासीन थे। वे इस गँवार मंडली में बोलना अथवा सम्मिलित होना अपनी प्रतिष्ठा के प्रतिकूल समझते थे। आज बुद्धिराम के बड़े लड़के मुखराम का तिलक आया था। यह उसी का उत्सव था। घर के भीतर स्त्रियाँ गा रही थीं और रूपा मेहमानों के लिए भोजन के प्रबंध में व्यस्त थी। भट्टियों पर कड़ाह चढ़ रहे थे। एक में पूड़ियाँ-कचौड़ियाँ निकल रही थीं, दूसरे में अन्य पकवान बन रहे थे। एक बड़े हंडे में मसालेदार तरकारी पक रही थीं। घी और मसाले की क्षुधावर्धक सुगंध चारों ओर फैली हुई थी। |
(1) एक-दो शब्दों में उत्तर लिखिए: (2)
- इसका तिलक आया था -
- द्वार पर बज रही थी -
- बड़े हंडे में पक रही थी -
- चारपाइयों पर विश्राम कर रहे थे -
(2) ‘सांस्कृतिक परंपरा के संवर्धन में हमारा योगदान’ इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Chapter: [0.021] बूढ़ी काकी (पूरक पठन)
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
घना अँधेरा करते जाओ जीवन नैया रंग-बिरंगे |
(1) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों: (2)
- जीवन नैया -
- फागुन -
(2) ‘जीवन एक संघर्ष है’ इस पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)
Chapter: [0.0104] मन (पूरक पठन)
निम्नलिखित वाक्य के अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
आज फिर उसे साक्षात्कार के लिए जाना है।
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
क्योंकि
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित अव्यय का अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए:
पास
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
कृति पूर्ण कीजिए:
शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
______ | परा + अर्थ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
कृति पूर्ण कीजिए:
शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
सदाचार | ______ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
फाटक से पहले ही गाड़ी रोक दी।
सहायक क्रिया | मूल क्रिया |
______ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
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निम्नलिखित वाक्य की सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
नौकरी के लिए आवेदन कर चुका।
सहायक क्रिया | मूल क्रिया |
______ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
देखना | ............. | ............. |
Chapter:
निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
भूलना | ______ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित मुहावरा का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:
मुहावरा | अर्थ | वाक्य |
दाद देना | ______ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित मुहावरे का अर्थ लिखकर उचित वाक्य में प्रयोग कीजिए:
मुहावरा | अर्थ |
मुँह लाल होना | .................... |
वाक्य | .................... |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्न वाक्यों में अधोरेखांकित शब्द समूह के लिए कोष्ठक में दिए गए मुहावरों में से उचित मुहावरे का चयन कर वाक्य फिर से लिखिए :
सार्वजनिक अस्पताल का खयाल आते ही मैं भयभीत हो गया।
वाक्य = ______
इज्जत उतारना
हाथ फेरना
काँप उठना
तिलमिला जाना
दुम हिलाना
बोलबाला होना
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
टॉल्स्टॉय और चेखव की रचनाएँ भी मुझे प्रिय हैं।
कारक चिह्न | कारक भेद |
______ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
रूपा उस समय कार्य भार से उद्विग्न हो रही थी।
कारक चिह्न | कारक भेद |
______ | ______ |
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कर वाक्य पुनः लिखिए:
ओह कंबख्त ने कितनी बेदर्दी से पीटा है
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
मेरी सबसे छोटी बहन पहली बार ससुराल जाएगी। (अपूर्ण भूतकाल)
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
प्राण को मन से अलग करना पड़ा। (सामान्य भविष्यकाल)
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
इसने मुझे बहुत प्रभावित किया। (पूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य का रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए:
बाबू जी का एक तरीका था, जो अपने आप आकर्षित करता था।
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
लिखने से पहले तो मैंने पढ़ना शुरू किया था। (निषेधार्थक वाक्य)
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
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निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
क्या लोग पहाड़ों पर घूमने का शौक रखते हैं? (विधानार्थक वाक्य)
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
पिताजी ने आंदोलनों से भाग लेने से रोकी।
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
यह पसिना किसलिए बहाई है?
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
मैं ड्राइवर से बुला लाए।
Chapter: [0.03] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
उमा/उमेश, 205, नेहरू मार्ग, पुणे से ‘नंदनवन कॉलोनी’ सातारा में रहने वाले छोटे भाई मंगेश को राज्यस्तरीय निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में बधाई देते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्रलेखन कीजिए:
शुभम/शुभांगी, 45, गणेश नगर, जलगाँव से व्यवस्थापक, मीरा पुस्तक भंडार, नेताजी मार्ग, नासिक को हिंदी पुस्तकों की माँग करते हुए पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
सर सी. वी. वेंकटरमन भारत के उन महान वैज्ञानिकों में से हैं, जिन्हें उनकी ‘रमन प्रभाव’ की खोज के लिए जाना जाता है। भारत रत्न सी. वी. वेंकटरमन को 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। उनका जन्म 7 नवंबर, 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में हुआ। वे चंद्रशेखर अय्यर तथा पार्वती अमाल की दूसरी संतान थे। रमन के पिता गणित के प्रोफेसर थे। उनके पिता विशाखापट्टनम में ए. वी. एन. कॉलेज में नियुक्त हुए तो पूरा परिवार वहीं चला गया। अल्पायु से ही रमन की शैक्षिक प्रतिभा सामने आने लगी। ग्यारह वर्षीय रमन ने ए. वी. एन. कॉलेज में दाखिला लिया। इसके दो वर्ष बाद ही वे मद्रास के प्रतिष्ठित प्रेसीडेंसी कॉलेज में पढ़ने गए। उन्होंने भौतिकी एवं अंग्रेजी में ऑनर्स के साथ बी. ए. की डिग्री हासिल की। उस समय एकेडमिक पढ़ाई में अच्छे छात्र उच्च शिक्षा पाने के लिए विदेश जाते थे। किन्तु वे गिरती सेहत की वजह से नहीं जा पाए अत: उसी कॉलेज में पढ़ते रहें और उन्होंने एम. ए. ऑनर्स की डिग्री ली। |
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
नेताजी विद्यालय, औरंगाबाद में मनाए गए, ‘स्वच्छता अभियान’ का 60 से 80 शब्दों में वृत्तांत लेखन कीजिए।
(वृत्तांत में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है।)
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 70 से 80 शब्दों में कहानी लिखकर उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
मोहन और माता-पिता – सुखी परिवार – मोहन हमेशा मोबाइल पर – कान में इयरफोन – माता-पिता का मना करना – मोहन का ध्यान न देना – सड़क पार करना – कान में इयरफोन – दुर्घटना – सीख।
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
मेरा प्रिय त्योहार
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
नदी की आत्मकथा
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं अध्यापक होता .....
Chapter: [0.04] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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