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Question
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
यदि मैं अध्यापक होता .....
Solution
यदि मैं अध्यापक होता .....
समाज-निर्माण का एक महत्वपूर्ण घटक है- अध्यापक। विद्यालय में छात्रों को मार्ग दिखाने के लिए अध्यापक की आवश्यकता होती है। अध्यापक शिक्षा द्वारा छात्रों के भविष्य का निर्माण करता है। दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि अध्यापक राष्ट्र का निर्माता होता है। इस दृष्टि से अध्यापक का कार्य सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण होता है। वह राष्ट्र निर्माता हैं।
यदि मैं अध्यापक होता तो अपने छात्रों को निःस्वार्थ भाव से ज्ञान प्रदान करके सत्य का मार्ग दिखाता। माता-पिता के साथ बालकों के विकास में अध्यापक की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। मैं अध्यापक की हैसियत से इस विषय में रुचि लेकर बालकों का विकास करता यदि मैं अध्यापक होता तो पहले स्वयं अनुशासन का पालन करता और मेरे छात्रों को भी अनुशासन का महत्व बताता, सिखाता। बच्चों को शिक्षा के साथ सफलता का मार्ग दिखाता। मैं कभी किसी प्रकार का भेदभाव न करते हुए शिक्षा या अन्य शैक्षणिक, सामाजिक ज्ञान देता। छात्रों को आपस में एक-दूसरे के साथ प्रेम-भाईचारा सिखाता।
यदि मैं अध्यापक होता तो छात्रों को शिक्षा के साथ परिवार, समाज का महत्व बताता। पारिवारिक एकता का महत्व समझाता। समाज में अपना कर्तव्य निभाने का महत्व समझाता। साथ ही अपने देश-मातृभूमि के लिए, त्याग, प्रेम की शिक्षा देता। देश के लिए मर-मिटने वाले महापुरुषों के चरित्र समझाकर छात्रों में प्रेम, बलिदान की भावना जागृत करता। जो देश कल्याण में सहायक हो। छात्र अपने अध्यापक को आदर्श मानते हैं। उनके इस विश्वास को बनाए रखने के लिए मैं नैतिक मूल्यों तथा उच्च आदर्शों का पालन करता साथ ही, छात्रों में अच्छे संस्कारों का बीजारोपण करता ताकि आज के छात्र हमारे देश के कल के सुजान नागरिक बनें।
यदि मैं अध्यापक होता तो मैं उनका उचित मार्गदर्शन करके उनमें देश के कर्णधार बनने की योग्यता निर्माण करता। आज के बच्चे कल के नेता हैं। यदि स्कूलों में उनका उचित पथ-प्रदर्शन किया जाए तो वह सदाचारी नेता बनकर देश का भविष्य संवार सकते हैं। एक राष्ट तभी उन्नति कर सकता है जब छात्रों में स्कूल-शिक्षा के दिनों में ही नेतृत्व के गुण निर्माण किए जाए। मैं उनमें एक अच्छे नेता के गुण निर्माण कर देता ताकि राष्ट्र उनके नेतृत्त्व से लाभ उठा सके।
यदि मैं अध्यापक होता तो छात्रों के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार करता। उन पर अनुचित दबाव नहीं डालता। उन्हें समय का महत्व बताता। यदि मैं अध्यापक होता तो विविध प्रकार से अपने छात्रों को ज्ञानवान बनाता सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर व्यावहारिक ज्ञान का महत्व बताता, जो अपने देश के विकास में सहायक सिद्ध होता। काश! मैं अध्यापक होता और अपने सपनों को साकार रूप दे पाता।
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