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Question
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए।
एक किसान की आत्मकथा
Solution
एक किसान की आत्मकथा
भारत एक ऐसा देश है जिसे गाँवों का देश कहा जाता है। मैं भी इन्हीं गाँवों में रहने वाला एक साधारण किसान हूँ। लोग मुझे अन्नदाता, किसान और भूमिपुत्र जैसे कई नामों से पुकारते हैं। सभी मेरे प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं क्योंकि मेरे द्वारा उगाया गया अन्न हर किसी की जरूरत को पूरा करता है। हम किसानों का सारा जीवन धरती माँ की सेवा में व्यतीत हो जाता है। हमारी परंपरा और इतिहास सदियों पुराना है, और सभ्यता के आरंभ से ही हम खेती से जुड़े हुए हैं।
मेरा नाम गिरिधर है और मैं शिवपुर नामक एक छोटे से गाँव में रहता हूँ। किसान होने के नाते, मैंने जीवन में कई संघर्षों और सफलताओं का सामना किया, लेकिन हर परिस्थिति में मैं संतुष्ट और गौरवान्वित महसूस करता हूँ।
मेरे पिताजी और दादाजी ने मुझे खेती के महत्व को समझाया। जब मैंने खेती शुरू की, तो एहसास हुआ कि यह काम जितना दिखता है, उससे कहीं अधिक कठिन है। किसानों को धूप, मिट्टी और प्राकृतिक आपदाओं से जूझना पड़ता है। मुश्किल समय में भी हमें अपने भीतर हिम्मत और दृढ़ता बनाए रखनी होती है। मेरी कड़ी मेहनत और समर्पण ने मुझे खेती के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने का आत्मविश्वास दिया।
मैंने आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया, बाजार की मांग को समझा और फसल की कीमतों को बेहतर तरीके से प्रबंधित करना सीखा। धीरे-धीरे मैंने विदेशी तकनीकों को अपनाकर अपनी फसल उत्पादन क्षमता को बढ़ाया।
खेती मेरे लिए केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि एक अनोखा अनुभव है। जब मैं अपनी मेहनत का फल खेतों में लहराते देखता हूँ, तो वह खुशी शब्दों से परे होती है। मिट्टी और प्रकृति के साथ मेरा यह जुड़ाव मेरे जीवन को सुंदर और अर्थपूर्ण बनाता है। यह मुझे संतोष और आनंद से भर देता है।
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