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प्रश्न
15 kg संहति का कोई गुटका किसी लंबी ट्रॉली पर रखा है। गुटके तथा ट्रॉली के बीच स्थैतिक घर्षण गुणांक 0.18 है। ट्रॉली विरामावस्था से 20 s तक 0.5 ms-2 के त्वरण से त्वरित होकर एकसमान वेग से गति करने लगती है-
- धरती पर स्थिर खड़े किसी प्रेक्षक को तथा
- ट्रॉली के साथ गतिमान किसी अन्य प्रेक्षक को, गुटके की गति कैसी प्रतीत होगी, इसकी विवेचना कीजिए।
उत्तर
गुटके का द्रव्यमान m = 15 kg, µ = 0.18
t = 20s के लिए, ट्रॉली का त्वरण a1 = 0.5 m s-2
तत्पश्चात् ट्रॉली का वेग अचर है।
∵ प्रारंभ में ट्रॉली त्वरित गति करती है; अत: यह एक अजड़त्वीय निर्देश तंत्र है।
∴ गुटके पर एक छद्म बल F1 =ma1
=15 × 0.5
= 7.5 N
पीछे की ओर कार्य करेगा।
जबकि ट्रॉली के फर्श द्वारा गुटके पर आरोपित अग्रगामी घर्षण बल
F2 = µ N.= µm g = 0.18 × 15 × 10 = 27 N
∵ गुटके पर पश्चगामी बेल घर्षण बल की तुलना में कम है; अतः गुटका पीछे की ओर नहीं फिसलेगा और ट्रॉली के साथ-साथ गति करेगा।
- धरती पर खड़े स्थिर प्रेक्षक को गुटका ट्रॉली के साथ गति करता प्रतीत होगा।
- ट्रॉली के साथ गतिमाने प्रेक्षक को गुटका स्वयं के सापेक्ष विराम अवस्था में दिखाई देगा।
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निम्नतम बिंदु पर | उच्चतम बिंदु पर | |
(i) | mg - T1 | mg + T2 |
(ii) | mg + T1 | mg - T2 |
(iii) | `"mg" + "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" - "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
(iv) | `"mg" - "T"_1 - ("m""ν"_1^2//"R")` | `"mg" + "T"_2 + ("m""ν"_2^2//"R")` |
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