Advertisements
Advertisements
प्रश्न
किसी घर्षणरहित मेज पर रखे 10 kg तथा 20kg के दो पिण्ड किसी पतली डोरी द्वारा आपस में जुड़े हैं। 600 N का कोई क्षैतिज बल
- A पर,
- B पर डोरी के अनुदिश लगाया जाता है। प्रत्येक स्थिति में डोरी में तनाव क्या है?
उत्तर
दिया है : F = 600 N, mA = 10 kg, mB = 20 kg
(i) माना पिण्ड A पर बल लगाने से दोनों पिण्ड a त्वरण से चलना प्रारंभ करते हैं तथा डोरी में तनाव T है।
पिण्ड A पर बल F आगे की ओर तथा तनाव T पीछे की ओर लगेगा; नेट बल FA = F - T होगा।
∴ गति के द्वितीय नियम से,
`"F"_"A" = "m"_"A""a"` या `"F" - "T" = "m"_"A""a"`
या 600 - T = 10a ...(1)
पिण्ड B पर एकमात्र बल, डोरी का तनाव T आगे की ओर लगेगा
∴ T = mBa
या T = 20a ...(2)
समी. (1) को 2 से गुना करके समी. (2) में से घटाने पर,
3T -1200 = 0
∴ डोरी का तनाव T = `(1200 "N")/3 = 400 "N"`
(ii) इस स्थिति में पिण्ड B पर नेट बल FB = F - T होगा , अतः गति के द्वितीय नियम से,
F - T = mBa
या 600 - T = 20a
पिण्ड A पर नेट बल T आगे की ओर लगेगा
∴ T = mAa
या T = 10a ...(2)
समीकरण (2) को 2 से गुणा करके समी. (1) में से घटाने पर,
600 - 3T = 0 या 3T = 600N
∴ डोरी का तनाव `"T" = (600 "N")/3` = 200 N
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
उत्तर की ओर 10 ms-1 की एकसमान आरंभिक चाल से गतिमान 0.40 kg संहति के किसी पिण्ड पर दक्षिण दिशा के अनुदिश 8.0 N का स्थायी बल 30 s के लिए आरोपित किया गया है। जिस क्षण बल आरोपित किया गया उसे t = 0 तथा उस समय पिण्ड की स्थिति x = 0 लीजिए। t = – 5 s, 25 s, 100 s पर इस कण की स्थिति क्या होगी?
किसी व्यक्ति की संहति 70 kg है। वह एक गतिमान लिफ्ट में तुला पर खड़ा है जो –
- 10 ms-1 की एकसमान चाल से ऊपर जा रही है,
- 5 ms-2 के एकसमान त्वरण से नीचे जा रही है,
- 5 ms-2 के एकसमान त्वरण से ऊपर जा रही है, तो प्रत्येक प्रकरण में तुला के पैमाने का पाठ्यांक क्या होगा?
- यदि लिफ्ट की मशीन में खराबी आ जाए और वह गुरुत्वीय प्रभाव में मुक्त रूप से नीचे गिरे तो पाठ्यांक क्या होगा?
8 kg तथा 12 kg के दो पिण्डों को किसी हल्की अवितान्य डोरी, जो घर्षणरहित घिरनी पर चढ़ी है, के दो सिरों से बाँधा गया है। पिण्डों को मुक्त रूप से छोड़ने पर उनके त्वरण तथा डोरी में तनाव ज्ञात कीजिए।
20000 kg उत्थापन संहति के किसी रॉकेट में 5 ms-2 के आरंभिक त्वरण के साथ ऊपर की ओर स्फोट किया जाता है। स्फोट का आरंभिक प्रणोद (बल) परिकलित कीजिए।
कोई बल्लेबाज किसी गेंद को 45° के कोण पर विक्षेपित कर देता है। ऐसा करने में वह गेंद की आरंभिक चाल, जो 54 km/h-1 है, में कोई परिवर्तन नहीं करता। गेंद को कितना आवेग दिया जाता है? (गेंद की संहति 0.15 kg है)
स्पष्ट कीजिए कि क्यों :
क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथ गेंद के साथ पीछे को खींचता है।
1000 kg संहति का कोई हेलीकॉप्टर 15 ms-2 के ऊध्र्वाधर त्वरण से ऊपर उठता है। चालक दल तथा यात्रियों की संहति 300 kg है। निम्नलिखित बलों का परिमाण व दिशा लिखिए –
- चालक दल तथा यात्रियों द्वारा फर्श पर आरोपित बल
- चारों ओर की वायु पर हेलीकॉप्टर के रोटर की क्रिया, तथा
- चारों ओर की वायु के कारण हेलीकॉप्टर पर आरोपित बल।
15 ms-1 चाल से क्षैतिजतः प्रवाहित कोई जलधारा 10 -2 मी 2 अनुप्रस्थ काट की किसी नली से बाहर निकलती है तथा समीप की किसी ऊर्ध्वाधर दीवार से टकराती है। जल की टक्कर द्वारा, यह मानते हुए कि जलधारा टकराने पर वापस नहीं लौटती, दीवार पर आरोपित बल ज्ञात कीजिए।
40 kg संहति का कोई बंदर 600 N का अधिकतम तनाव सह सकने योग्य किसी रस्सी पर चढता है। नीचे दी गई स्थितियों में से किसमें रस्सी टूट जाएगी –
- बंदर 6 ms -2 त्वरण से ऊपर चढ़ता है,
- बंदर 4ms -2 त्वरण से नीचे उतरता है,
- बंदर 5 ms -2 की एकसमान चाल से ऊपर चढ़ता है,
- बंदर लगभग मुक्त रूप से गुरुत्व बल के प्रभाव में रस्सी से गिरता है। (रस्सी की संहति उपेक्षणीय मानिए)
चित्र में दर्शाए अनुसार किसी ट्रक का पिछला भाग खुला है तथा 40 kg संहति का एक संदूक खुले सिरे से 5 m दूरी पर रखा है। ट्रक के फर्श तथा संदूक के बीच घर्षण गुणांक 0.15 है। किसी सीधी सड़क पर ट्रक विरामावस्था से गति प्रारंभ करके 2m s-2 से त्वरित होता है। आरंभ बिंदु से कितनी दूरी चलने पर वह संदूक ट्रक से नीचे गिर जाएगा? (संदूक के आमाप की उपेक्षा कीजिए।)