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प्रश्न
ऐरिल ब्रोमाइड और क्लोराइड के अंधेरे में विरचन में लूईस अम्ल की भूमिका की विवेचना कीजिए।
उत्तर
ऐरिल क्लोराइडों तथा ब्रोमाइडों का विरचन, आयरन या आयरन (III) क्लोराइड अथवा किसी अन्य लूईस अम्ल उत्प्रेक की उपस्थिति में ऐरीनों के क्लोरीन अथवा ब्रोमीन द्वारा इलेक्ट्रॉनरागी प्रतिस्थापन द्वारा आसानी से किया जा सकता है।
क्रियाविधि: \[\ce{Cl - Cl + FeCl3 -> FeCl4 + Cl+}\]
लूईस अम्ल प्रतिस्थापन के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनरागी उत्पन्न करता है।
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