Advertisements
Advertisements
प्रश्न
अंग्रेजी शासन के दौरान भारत के परंपरागत हस्तकला उद्योगों का विनाश हुआ। क्या आप इस विचार से सहमत हैं? अपने उत्तर के पक्ष में कारण बताइए।
उत्तर
हाँ, हम इस दृष्टिकोण से पूरी तरह सहमत हैं। ब्रिटिश नीतियाँ सदा से स्वहितों से निदेर्शित रही। ब्रिटेन ने कभी भी यह कष्ट नहीं उठाया कि वे इस तरफ ध्यान दें कि उनकी नीतियों का भारत के लोगों पर बेरोज़गार के रूप में, मानवीय कष्टों या कृषि क्षेत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने भारतीय हस्तकला उद्योगों पर भारी दर से कर लगाए ताकि भारतीय वस्त्र ब्रिटेन में बने ऊनी या रेशमी वस्त्रों से अधिक महँगे हो जाए। उन्होंने कच्चे माल के निर्यात को तथा ब्रिटेन से उत्पादित माल के आयात को कर मुक्त रखा। परंतु भारतीय हस्तकला उद्योगों के माल के निर्यात पर भारी कर लगाए। इसके अतिरिक्त भारतीय हस्तशिल्प उद्योग को मशीनों से बने सामान से भी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। इसने भारतीय हस्तशिल्प उद्योग की बर्बादी में मुख्य भूमिका निभाई।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
भारत में औपनिवेशिक शासन की आर्थिक नीतियों का केंद्र बिंदु क्या था? उन नीतियों के क्या प्रभाव हुए?
औपनिवेशिक काल में भारत की राष्ट्रीय आय का आकलन करने वाले प्रमुख अर्थशास्त्रियों के नाम बताइए।
औपनिवेशिक शासनकाल में कृषि की गतिहीनता के मुख्य कारण क्या थे?
स्वतंत्रता पूर्व अंग्रेजों द्वारा भारत के व्यवस्थित वि-औद्योगीकरण का दोहरे ध्येय क्या थे?
औपनिवेशिक काल में भारतीय संपत्ति के निष्कासन से आप क्या समझते हैं?
स्वतंत्रता के समय भारत के समक्ष उपस्थित प्रमुख आर्थिक चुनौतियों को रेखांकित करें।
क्या अंग्रेजों ने भारत में कुछ सकारात्मक योगदान भी दिया था? विवेचना करें।