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प्रश्न
क्या अंग्रेजों ने भारत में कुछ सकारात्मक योगदान भी दिया था? विवेचना करें।
उत्तर
यह कहना अनुचित होगा कि अंग्रेज़ों ने भारत में कुछ सकारात्मक योगदान दिया था अपितु कुछ सकारात्मक प्रभाव उनकी स्वार्थपूर्ण नीतियों के सह उत्पाद के रूप में उपलब्ध हो गये। ये योगदान इच्छापूर्ण तथा नीतिबद्ध नहीं थे बल्कि अंग्रेजों की शोषक औपनिवेशिक नीतियों का सह उत्पाद थे। अतः अंग्रेजों द्वारा भारत में ऐसे कुछ सकारात्मक योगदान इस प्रकार हैं
- रेलवे का आरंभ- अंग्रेज़ी सरकार द्वारा भारत में रेलवे का आरंभ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि था। इसने सभी प्रकार की भौगोलिक तथा सांस्कृतिक बाधाओं को दूर किया तथा कृषि के व्यवसायीकरण को संभव किया।
- कृषि के व्यावसायिकरण का आरंभ- अंग्रेज़ी सरकार द्वारा कृषि का व्यावसायीकरण भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अन्य बड़ी उपलब्धि था। भारत में अंग्रेज़ी शासन आने से पूर्व, भारतीय कृषि स्वपोषी प्रकृति की थी। परंतु कृषि के व्यावसायीकरण के उपरांत कृषि उत्पादन बाजार की जरूरतों के अनुसार हुआ। यही कारण है कि आज भारत खाद्यान्नों में आत्मनिर्भर होने के लक्ष्य को प्राप्त कर पाया है।
- आधारिक संरचना का विकास- अंग्रेजों द्वारा विकसित आधारिक ढाँचे ने देश में अकाल के फैलने को रोकने में विशेष योगदान दिया है। टेलीग्राम तथा डाक सेवाओं ने भी भारतीय जनता को सुविधाएँ दी।।
- शिक्षा का प्रोत्साहन तथा कुछ सामाजिक सुधार- अंग्रेजी भाषा में भारत में पाश्चात्य शिक्षा को प्रोत्साहित किया। अंग्रेजी भाषा भारत के बाहर की दुनिया को जानने के लिए एक खिड़की बनी। इसने भारत को विश्व के अन्य हिस्सों से जोड़ा। अंग्रेजों ने भारत में सती प्रथा भी प्रतिबंधित की और विधवा पुनर्विवाह अधिनियम की भी उद्घोषणा की।
- भारत का एकीकरण- अंग्रेज़ी शासन से पूर्व भारत छोटे-छोटे राज्यों तथा सीमाओं में बँटा हुआ था। आज़ादी के युद्ध के नाम पर अंग्रेज़ भारत तथा भारतीयों को एकीकृत करने का एक कारण बन गये।
- एक कुशल तथा शक्तिशाली प्रशासन का उदाहरण- अंग्रेजों ने अपने पीछे एक कुशल और शक्तिशाली प्रशासन का उदाहरण रख छोड़ा जिसका भारतीय नेता अनुसरण कर सकते थे।
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