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स्वतंत्रता के समय भारत के समक्ष उपस्थित प्रमुख आर्थिक चुनौतियों को रेखांकित करें। - Economics (अर्थशास्त्र)

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प्रश्न

स्वतंत्रता के समय भारत के समक्ष उपस्थित प्रमुख आर्थिक चुनौतियों को रेखांकित करें।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

शोषक औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन ने भारतीय अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र को बुरी तरह से बर्बाद कर दिया। अंततः परिणामस्वरूप भारत को स्वतंत्रता के समय विशाल आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भारतीय अर्थव्यवस्था को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा उनमें से मुख्य इस प्रकार हैं

  1. कृषि उत्पादकता का निम्न स्तर-औपनिवेशिक शासन के दौरान अंग्रेजों ने भारतीय कृषि को अपने हितों के अनुसार इस्तेमाल किया। परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्र को गतिहीनता, निम्न उत्पादकता स्तर निवेश का अभाव, भूमिहीन किसानों की खस्ताहालत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसीलिए भारत के लिए तत्कालिक समस्या यह थी कि वह कृषि क्षेत्र तथा इसकी उत्पादकता का विकास किस प्रकार करे। स्वतंत्रता के समय कुछ तत्कालिक जरूरत इस प्रकार थी-जमींदारी प्रथा का उन्मूलन करना, भूमि सुधार नीतियाँ बनाना, भूमि के स्वामित्व की असमानताओं को कम करना तथा किसानों का उत्थान करना।
  2. बाल्यकालीन औद्योगिक क्षेत्र-कृषि की ही भाँति भारत एक सुदृढ़ औद्योगिक आधार का विकास नहीं कर पाया। औद्योगिक क्षेत्र का विकास करने के लिए भारत को विशाल पूँजी, निवेश, आधारिक संरचना मानव कुशलताएँ, तकनीकी ज्ञान तथा आधुनिक तकनीक की आवश्यकता थी। इसके अलावा, ब्रिटिश उद्योगों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण भारतीय घरेलू उद्योग बने रहने में विफल रहे। इस प्रकार लघु और बड़े उद्योगों को एक साथ अपने औद्योगिक क्षेत्र में विकसित करना भारत के लिए एक मुख्य चिंता का विषय था। इसके अलावा भारत में सकल घरेलू उत्पाद में औद्योगिक क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाने की जरूरत थी जो भारत के लिए महत्त्वपूर्ण आर्थिक चुनौतियों में से एक था।
  3. आधारिक संरचना में कमी-हालाँकि देश की आधारिक संरचना में एक महत्त्वपूर्ण परिवर्तन किया गया। परंतु यह कृषि और औद्योगिक क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार करने के लिए पर्याप्त नहीं था। इसके अतिरिक्त, उस समय के बुनियादी ढाँचे को आधुनिकीकरण की जरूरत थी।
  4. गरीबी और असमानता-भारत गरीबी और असमानता के दुष्चक्र में फँस गया था। ब्रिटिश शासन ने भारतीय धन का एक महत्त्वपूर्ण भाग ब्रिटेन की ओर निष्कासित कर दिया। परिणामस्वरूप, भारत की आबादी का एक बहुसंख्यक हिस्सा गरीबी से पीड़ित था। इसके कारण देशभर में आर्थिक असमानताओं को और अधिक बढ़ावा मिला।
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औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत निम्न-स्तरीय आर्थिक विकास
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अध्याय 1: स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था - अभ्यास [पृष्ठ १४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Economics [English] Class 12
अध्याय 1 स्वतंत्रता की पूर्व संध्या पर भारतीय अर्थव्यवस्था
अभ्यास | Q 13. | पृष्ठ १४

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