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प्रश्न
बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?
उत्तर
लेखक का मानना है कि बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी नहीं लिखी जा सकती। मैं इन विचारों से पूरी तरह सहमत हूँ। यह विचार आधुनिक कहानी की ओर संकेत करता है, जहाँ आंतरिक भावनाएँ, अनुभूतियाँ, और प्रतीकात्मकता मुख्य भूमिका निभाते हैं। ऐसी कहानियाँ पाठक को विचार और कल्पना के नए आयामों में ले जाती हैं। वास्तव में, कहानी किसी विशेष घटना का ही वर्णन होती है। इसमें यह शामिल होता है कि घटना क्यों घटी, कब घटी, इसके क्या परिणाम रहे और इससे कौन-कौन प्रभावित हुए। इन सबका विवरण ही कहानी को पूरा बनाता है। इसलिए, किसी भी कहानी के लिए विचार, घटना और पात्रों का होना अत्यंत आवश्यक है।
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