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बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं? - Hindi Course - A

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प्रश्न

बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है। यशपाल के इस विचार से आप कहाँ तक सहमत हैं?

लघु उत्तर

उत्तर

लेखक का मानना है कि बिना विचार, घटना और पात्रों के कहानी नहीं लिखी जा सकती। मैं इन विचारों से पूरी तरह सहमत हूँ। यह विचार आधुनिक कहानी की ओर संकेत करता है, जहाँ आंतरिक भावनाएँ, अनुभूतियाँ, और प्रतीकात्मकता मुख्य भूमिका निभाते हैं। ऐसी कहानियाँ पाठक को विचार और कल्पना के नए आयामों में ले जाती हैं। वास्तव में, कहानी किसी विशेष घटना का ही वर्णन होती है। इसमें यह शामिल होता है कि घटना क्यों घटी, कब घटी, इसके क्या परिणाम रहे और इससे कौन-कौन प्रभावित हुए। इन सबका विवरण ही कहानी को पूरा बनाता है। इसलिए, किसी भी कहानी के लिए विचार, घटना और पात्रों का होना अत्यंत आवश्यक है।

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लखनवी अंदाज़
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: यशपाल - लखनवी अंदाज़ - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ८०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 12 यशपाल - लखनवी अंदाज़
प्रश्न-अभ्यास | Q 3 | पृष्ठ ८०

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