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चार्ली सबसे ज़्यादा स्वयं पर कब हँसता है? - Hindi (Core)

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प्रश्न

चार्ली सबसे ज़्यादा स्वयं पर कब हँसता है?

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

चार्ली स्वयं पर हँसकर लोगों को यह बताता है कि वह अपना मज़ाक नहीं उड़ा रहा है। वह अपनी गर्व की भावना, अपने प्रति सम्मान की भावना, अपनी सफलता, अपनी सभ्यता तथा संस्कृति के प्रति प्रेम तथा अपनी श्रेष्ठता को दूसरों को दिखाने के उद्देश्य से स्वयं पर हँसता है। उसकी हँसी मज़ाक का कारण नहीं है, उसकी हँसी सम्मान का कारण है। प्रायः लोग दूसरों पर तब हँसते हैं, जब वह मज़ाक उड़ाते हैं। लेकिन चार्ली तब हँसता है, जब वह अपने श्रेष्ठता सिद्ध कर देता है। वह इस हँसी के माध्यम से उन सभी मानदंडों तो धराशायी कर देता है, जो मनुष्य को उपहास का कारण बना डालते हैं।
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चार्ली चैप्लिन यानी हम सब
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अध्याय 15: विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब) - अभ्यास [पृष्ठ १२५]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 12
अध्याय 15 विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब)
अभ्यास | Q 7. | पृष्ठ १२५

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