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सामान्यतः व्यक्ति अपने ऊपर नहीं हँसते, दूसरों पर हँसते हैं। कक्षा में ऐसी घटनाओं का ज़िक्र कीजिए जब- आप अपने ऊपर हँसे हों हास्य करुणा में या करुणा हास्य में बदल गई हो। - Hindi (Core)

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प्रश्न

सामान्यतः व्यक्ति अपने ऊपर नहीं हँसते, दूसरों पर हँसते हैं। कक्षा में ऐसी घटनाओं का ज़िक्र कीजिए जब-
  1. आप अपने ऊपर हँसे हों
  2. हास्य करुणा में या करुणा हास्य में बदल गई हो।
संक्षेप में उत्तर

उत्तर

  1. बात उस समय की है, जब हम कक्षा में अध्यापिका का जन्मदिन मनाने के लिए केक लेकर आए थे। मैंने किसी को केक लेकर नहीं जाने दिया कि कहीं कोई केक गिरा न दे। बात तब हास्यपद बन गई, जब मैं स्वयं केक लेकर गिर पड़ा। केक जमीन पर गिरा ही नहीं बल्कि में भी उसके ऊपर गिर पड़ा। सारा केक मेरे मुँह और कपड़ों में लग गया। यह ऐसा किस्सा था कि जब मैं खड़ा हुआ तो स्वयं ही ज़ोर-ज़ोर की हँसने लगा।
  2. हम सब मित्र एक चुटकुले पर हँस रहे थे। हमारे एक मित्र के हाथ पर नुकीली पेंसिल थी। हँसते-हँसते पता नहीं क्या हुआ मेरे मित्र का हाथ उसके मुँह में चला गया और पेंसिल उसके गाल में घुस गई। उसका गाल लहुलूहान हो गया। सारा माहौल हास्य से करुणा में बदल गया।
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चार्ली चैप्लिन यानी हम सब
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अध्याय 15: विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब) - अभ्यास [पृष्ठ १२५]

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एनसीईआरटी Hindi - Aaroh Class 12
अध्याय 15 विष्णु खरे (चार्ली चैप्लिन यानी हम सब)
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १२५

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