Advertisements
Advertisements
प्रश्न
दिव्यांग महिला खिलाड़ियों के बारे में जानकारी प्राप्त करके टिप्पणी तैयार कीजिए।
उत्तर
१. प्रज्ञा घिल्डियाल: महिला एथलीट प्रज्ञा १०० प्रतिशत लोकोमोटर से पीड़ीत हैं। उन्होंने २०१४ में एफएजेडजेडए अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स आईपीसी गां प्री तथा २०१६ में दुबई शारजाह इंटरनेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सात पदक जीते। प्रज्ञा रियो पैरालिंपिक में डिस्कसथ्रे के फाइनल के ट्रायल के लिए भी चयनित हुई थी।
२. मालथी कृष्णामूर्ति होला: बेंगलुरु की इस अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलिट को एक साल की उम्र में लकवा मार गया था। नियमित उपचार के बाद उनके ऊपरी शरीर की शक्ति वापस आ गई लेकिन निचला भाग अभी भी कमजोर है। होला ने खेलों में भाग लेना शुरू किया और बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया। डेनमार्क में हुए वर्ल्ड मास्टर्स गेम्स में उन्होंने २०० मीटर दौड़, शॉटपुट, डिस्कस और जैवलिन थ्रे में स्वर्ण पदक जीतें। आज उनके पास करीब ३०० मेडल्स हैं। होला को अर्जुना अवार्ड और पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया है।
३. जानकी गाैंड: जबलपुर जिले के सिहोरा तहसील की ग्राम कुर्रे पिपरिया निवासी जानकी ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में आयोजित अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग और मूक-बधिर जूडो एशियन चैंपियनशिप २०१७ में आयोजित भारतीय महिला टीम का नेतृत्व किया, जिसमें थाईलैंड, कोरिया और उज्बेकिस्तान को हराकर भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
संजाल पूर्ण कीजिए:
रिक्त स्थान पूर्ण कीजिए:
परिच्छेद से ऐसे दो शब्द ढूँढ़कर लिखिए जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता।
‘कला में अभिरुचि होने से जीवन का आनंद बढ़ता है’ अपने विचार लिखिए।
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
जिनमें चल-फिरने की क्षमता का अभाव हो
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
जिनमें सुनने की क्षमता का अभाव हो
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
जिनमें बोलने की क्षमता का अभाव हो -
केवल एक शब्द में उत्तर लिखिए:
स्वस्थ शरीर में किसी भी एक क्षमता का अभाव होना -
पाठ (अपराजेय) में प्रयुक्त वाक्य पढ़कर व्यक्ति में निहित भाव लिखिए:
‘मैं जानता हूँ कि, जीवन का विकास पुरुषार्थ में हैं, आत्महीनता में नहीं।’
‘परिस्थिति के सामने हार न मानकर उसे सहर्ष स्वीकार करने में ही जीवन की सार्थकता है’, स्पष्ट कीजिए।