हिंदी

गांधी जी को आश्रम के लिए कितने स्थान की ज़रूरत थी और क्यों? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

गांधी जी को आश्रम के लिए कितने स्थान की ज़रूरत थी और क्यों?

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

साबरमती आश्रम में लगभग 40-50 लोगों के रहने, इनमें हर महीने दस अतिथियों के आने की संभावना, जिनमें तीन या पाँच सपरिवार आने की उम्मीद थी। अतः आश्रम में तीन रसोईघर तथा रहने के मकान के लिए 50,000 फुट क्षेत्रफल में बने मकान की आवश्यकता थी। इसके अलावे-खेती के लिए पाँच एकड़ जमीन की ज़रूरत थी, क्योंकि इतने लोगों के भोजन का सामान खरीदना कठिन था।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 19: आश्रम का अनुमानित व्यय - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 19 आश्रम का अनुमानित व्यय
अतिरिक्त प्रश्न | Q 15

संबंधित प्रश्न

पक्षी क्यों व्यथित हैं?


पक्षी ऊँची उड़ान के लिए क्या-क्या बलिदान देते हैं?


“दादी माँ’ कहानी से आपको क्या प्रेरणा मिलती है?


हिमालय अपना सिर क्यों धुनता है?


धनराज के व्यक्तित्व की क्या विशेषता है?


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो।

मेरा शरीर हाड़-माँस का नहीं ______ लोहा-इस्पात और प्लास्टिक का बना है।


हर्ष का पिता समुद्र के किनारे रहता था। वह तरह-तरह के खिलौने एवं मालाएँ तैयार कर पास के बड़े नगर में बेच आता था। तुम अपने आस-पास के कुछ ऐसे ही लोगों के बारे में जानकारी प्राप्त करो। वे किन-किन चीजों से क्या-क्या बनाते हैं?


नीचे लिखे शब्दों में सही अक्षर भरो-

साह______


सही शब्द भरो।

उसे किताबों सहित ______ में दफ़ना दिया गया।


मान लो तुम मिनी हो। अब अपनी कहानी पूरी कक्षा में सुनाओ।


नीचे दी गई जगह में रंगोली का कोई डिज़ायन बनाओ।

 

लड़की को उसके घर पहुँचाने के लिए क्या उपाय सोची गई?


चिड़िया कैसी थी?


बहुविकल्पी प्रश्न

यासुकी-चान को क्या रोग था?


घर से बातचीत करके पता कीजिए कि आपके घर में क्या चीजें पकती हैं और क्या चीजें बनी-बनाई बाज़ार से आती हैं। इनमें से बाज़ार से आनेवाली कौन-सी चीजें आपके-माँ-पिता जी के बचपन में घर में बनती थीं?


यहाँ खाने पकाने और स्वाद से संबंधित कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें ध्यान से देखिए और उनका वर्गीकरण कीजिए
उबालना, तलना, भूनना, सेंकना, दाल, भात, रोटी, पापड़, आलू, बैंगन, खट्टा, मीठा, तीखा, नमकीन, कसैला।


निबंध में आपने ये पंक्तियाँ पढ़ी हैं-मैं अपने शाल में लपेटकर उसे संगम ले गई। जब गंगा के बीच धार में उसे प्रवाहित किया गया तब उसके पंखों की चंद्रिकाओं से बिंबित प्रतिबिंबित होकर गंगा को चौड़ा पाट एक विशाल मयूर के समान तरंगित हो उठा।’ -इन पंक्तियों में एक भावचित्र है। इसके आधार पर कल्पना कीजिए और लिखिए मोर पंख की चंद्रिका और गंगा की लहरों में क्या-क्या समानताएँ लेखिका ने देखी होगी जिसके कारण गंगा का चौड़ा पाट एक विशाल मयूर पंख के समान तरंगित हो उठा।


कुँवर सिंह को बचपन में किन कामों में मज़ा आता था? क्या उन्हें उन कामों से स्वतंत्रता सेनानी बनने में कुछ मदद मिली?


अनुमान लगाइए, स्वाधीनता की योजना बनाने के लिए सोनपुर के मेले को क्यों चुना गया होगा?


सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता ‘झाँसी की रानी’ में किन-किन स्वतंत्रता सेनानियों के नाम आए हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×