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इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला। - Hindi (Elective)

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प्रश्न

इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला।

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उत्तर

प्रस्तुत पंक्ति में हरगोबिन उस समय का वर्णन करता है, जब हवेली की रानी बड़ी बहुरिया की साड़ी तक उनके तीन देवरों ने तीन टुकड़े करके बाँट लिए थे। बड़ी बहुरिया के पहने हुए गहने तक नोचकर आपस में बाँट लिए थे। हरगोबिन ने बड़ी बहुरिया के साथ वह अन्याय होते देखा था। उस अन्याय को दर्शाने के लिए हरगोबिन ने उसकी तुलना द्रौपदी के चीरहरण लीला से की है। बड़ी बहुरिया के साथ जो किया गया था, वह द्रौपदी के चीरहरण से कम भयानक नहीं था।

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संवदिया
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अध्याय 2.04: फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ११२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
अध्याय 2.04 फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. (ख) | पृष्ठ ११२

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