हिंदी

इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-किस मुँह से वह ऐसा संवाद सुनाएगा। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
किस मुँह से वह ऐसा संवाद सुनाएगा।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

यह पंक्ति हरगोबिन अपने मन में सोचता है। उसने बड़ी बहुरिया के वे दिन भी देखे थे, जब वह हाथों में मेंहदी लगाए हुए कई लोगों का घर चलाया करती थी। उस बड़ी बहुरिया के पति के मरते ही ऐसी गति हुई कि सब देखते रह गए। देवरों ने सब हड़प लिया। अब उस बड़ी बहुरिया की दशा बहुत ही खराब है। उनके दर्द भरे संवाद को सुनकर हरगोबिन कष्ट में था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि बड़ी बहुरिया की माँ को ऐसा संवाद कैसे सुनाएगा। उनकी माँ को यह सुनकर दुख नहीं होगा कि जहाँ बेटी को रानी बनाकर भेजा, वहाँ उसे एक समय का भोजन भी नहीं मिल पा रहा है। यह सोचकर हरगोबिन दुविधा में पड़ गया।

shaalaa.com
संवदिया
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2.04: फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ११२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Antara Class 12
अध्याय 2.04 फणीश्वरनाथ 'रेणु' (संवदिया)
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. (घ) | पृष्ठ ११२

संबंधित प्रश्न

संवदिया कि क्या विशेषताएँ हैं और गाँववालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा हैं?


बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन के मन में किस प्रकार की आशंका हुई?


बड़ी बहुरिया अपने मायके संदेश क्यों भेजना चाहती थी?


संवाद कहते वक्त बड़ी बहुरिया की आँखें क्यों छलछला आईं?


हरगोबिन बड़ी हवेली में पहुँचकर अतीत की किन स्मृतियों में खो जाता है?


गाड़ी पर सवार होने के बाद संवदिया के मन में काँटे की चुभन का अनुभव क्यों हो रहा था? उससे छुटकारा पाने के लिए उसने क्या उपाय सोचा?

बड़ी बहुरिया का संवाद हरगोबिन क्यों नहीं सुना सका?


'संवदिया डटकर खाता है और अफर कर सोता है' से क्या आशय है?


जलालगढ़ पहुँचने के बाद बड़ी बहुरिया के सामने हरगोबिन ने क्या संकल्प लिया?


इन शब्दों का अर्थ समझिए-

काबुली-कायदा


इन शब्दों का अर्थ समझिए-
रोम-रोम कलपने लगा


इन शब्दों का अर्थ समझिए-
अगहनी धान


पाठ से प्रश्नवाचक वाक्यों को छाँटिए और संदर्भ के साथ उन पर टिप्पणी लिखिए।


इन पंक्ति की व्याख्या कीजिए -
बड़ी हवेली अब नाममात्र की ही बड़ी हवेली है।


इन पंक्तियों की व्याख्या कीजिए-
हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला।


डिजिटल इंडिया के दौर में संवदिया की किया कोई भूमिका हो सकती है?


‘उसके पैर गाँव की ओर बढ़ ही नहीं रहे थे। इसी पगडंडी से बड़ी बहुरिया अपने मैके लौटा आवेगी गाँव छोड़कर चली जावेगी। फिर कभी नहीं आवेगी।’

लेखक संवदिया और बड़ी बहुरिया के माध्यम से समाज के एक बड़े वर्ग का वर्णन करत प्रतीत हो रहे हैं। इसे स्पष्ट करते हुए वर्तमान परिप्रेक्ष्य के साथ संबंध स्थापित कीजिए।


'बड़ी बहुरिया का संवाद हरगोबिन सुना सकने में असमर्थ था' कथन के माध्यम से हरगोबिन की तत्कालीन स्थिति की विवेचना कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×