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प्रश्न
जानकारी दीजिए :
संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष
उत्तर
संत दादू दयाल निर्गुण भक्ति शाखा की ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि थे। दादू दयाल निर्गुण और निराकार प्रभु के उपासक थे और उन्होंने निराकार ईश्वर की उपासना पर जोर दिया। उन्होंने जाति-पाँति, धार्मिक भेदभाव, सामाजिक कुरीतियों तथा अंधविश्वास संबंधी मिथ्याचारों का विरोध किया। इनकी भाषा सीधी-सादी तथा अनेक बोलियों के मेलवाली है। इसे सधुक्कड़ी भाषा के नाम से जाना जाता है। आपके साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष्य सामाजिक कुरीतियों और आडंबरो का खंडन करना और निर्गुण, निराकार ईश्वर की उपासना करना है।
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निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
मल्लिका ने देखी तो आँखे फटी रह गया।
निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -
इसकी काम आएगा।
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संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________
निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
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निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
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जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।
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अलंकार पहचानकर लिखिए :
के-रख की नूपुर-ध्वनि सुन।
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गजलकार के अनुसार दोस्ती का अर्थ
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प्रकृति से संबंधित शब्द तथा उनके लिए कविता में आए संदर्भ
शब्द |
संदर्भ |
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