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जानकारी दीजिए : संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष - Hindi

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Question

जानकारी दीजिए :

संत दादू के साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष

Short Note

Solution

संत दादू दयाल निर्गुण भक्ति शाखा की ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि थे। दादू दयाल निर्गुण और निराकार प्रभु के उपासक थे और उन्होंने निराकार ईश्वर की उपासना पर जोर दिया। उन्होंने जाति-पाँति, धार्मिक भेदभाव, सामाजिक कुरीतियों तथा अंधविश्वास संबंधी मिथ्याचारों का विरोध किया। इनकी भाषा सीधी-सादी तथा अनेक बोलियों के मेलवाली है। इसे सधुक्कड़ी भाषा के नाम से जाना जाता है। आपके साहित्यिक जीवन का मुख्य लक्ष्य सामाजिक कुरीतियों और आडंबरो का खंडन करना और निर्गुण, निराकार ईश्वर की उपासना करना है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
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Chapter 5.1: मध्ययुगीन काव्य - भक्ति महिमा - स्वाध्याय [Page 22]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Yuvakbharati 11 Standard Maharashtra State Board
Chapter 5.1 मध्ययुगीन काव्य - भक्ति महिमा
स्वाध्याय | Q ५. (आ) | Page 22

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