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प्रश्न
कवि क्यों कह रहा है कि
'आज सभ्यता वहशी बन,
पेड़ों को काट रही है?'
इस पर अपने विचार लिखो।
उत्तर
कवि ऐसा इसलिए कह रहा है क्योंकि आज की मानव सभ्यता अपने स्वार्थ के लिए अंधाधुंध वृक्षों की कटाई कर रही है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि चारों प्रदूषण विद्यमान है और पृथ्वी वृक्षों से रहित हो रही है। वृक्षों की कटाई वहशीपने की सारी हदें पार कर चुकी है। ग्लोबल वार्मिंग इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इस वहशीपने से हम स्वयं का नुकसान कर रहे हैं।
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क्या आपको दूसरों के इशारों पर काम करना अच्छा लगता है? इसका तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
नीचे एक लकड़हारे और एक बच्ची की बातचीत दी गई है। इसे अपनी समझ से पूरा करो।
बच्चा- | ओ भैया! आप इस पेड़ को क्यों काट रहे हो? |
लकड़हारा- | यह तो मेरा काम है। |
बच्ची – | पर यह तो गलत है। |
लकड़हारा- | यह कैसे गलत है? इसी से तो मेरे परिवार का भरण-पोषण होता है। |
बच्ची __________________________________________
लकड़हारा _____________________________________
_______________________________________________
इस पंक्ति से बारिश के बारे में क्या पता चलता है?
नमूना → | सूरज की माँ ने उसको बुला लिया। |
ऐसा लगता है कि आसमान में सूरज नज़र नहीं आ रहा होगा। |
सूरज ने अपने घर का दरवाज़ा बंद कर लिया।
किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?
"बिजली के आँगन में अम्मा........ "
इसमें जो आँगन है वह घर के बाहर के हिस्से को कहा गया है। घर के इन भागों को तुम अपनी भाषा में क्या कहते हो?
कमरा _______
रसोई _______
बैठक _______
जीना ________
बरामदा _______
छत _________
स्नानघर _______
शौचालय ______
नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?
क |
देश______ |
घ |
जनता______ |
ख |
धरती______ |
ङ |
त्योहार______ |
ग |
दूध______ |
च |
इंसान______ |
'भूखे-प्यासे' में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से 'और' का संकेत मिलता है, जैसे-
भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।
• इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।
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शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
लुढ़कती आ रही है।
सूरज की लाल गेंद।
उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।
नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए-
(क) घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी
(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा
(ग) पानी का परदा-सामेरे आसपास था हिल रहा
(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास
(ङ) दिल है छोटा-सा छोटी-सी आशा
(च) घास पर फुदकती नन्ही-सी चिड़िया
• इन पंक्तियो में सा/सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से कैसे शब्दों के साथ हो रहा है?
बहुविकल्पी प्रश्न
जाल पड़ने पर पानी क्यों बह जाता है?
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नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना → |
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|
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