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कविता में 'मोती से माँगे भरती' माँ के खातिर मर जाना' में 'मोती' और 'माँ' शब्द किन के संदर्भ में आए हैं, चर्चा कराएँ। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

कविता में 'मोती से माँगे भरती' माँ के खातिर मर जाना' में 'मोती' और 'माँ' शब्द किन के संदर्भ में आए हैं, चर्चा कराएँ।

लघु उत्तरीय

उत्तर

बालकवि बैरागी की कविता "मेरे देश के लाल" में 'मोती' और 'माँ' शब्द विशेष संदर्भ में प्रयुक्त हुए हैं।

  1. 'मोती' का संदर्भ: विता की पंक्ति "हल की नोंकें जिस धरती की मोती से मांगें भरतीं" में 'मोती' शब्द का प्रयोग किया गया है।हाँ 'मोती' से तात्पर्य धरती की उर्वरता और समृद्धि से है, जो किसानों की मेहनत से उत्पन्न होती है।वि ने इसे रूपक के रूप में प्रस्तुत किया है, जहाँ हल की नोकें (कृषि कार्य) धरती की मांग को मोती (अन्न और फसल) से भरती हैं।ह भारत की कृषि प्रधान संस्कृति और उसकी समृद्धि का प्रतीक है।
  2. 'माँ' का संदर्भ: विता में 'माँ' शब्द भारत माता के लिए प्रयुक्त हुआ है। पंक्ति "जहाँ पढ़ाया  जाता केवल माँ की ख़ातिर मर जाना" में 'माँ' से तात्पर्य मातृभूमि भारत से है।वि ने देशभक्ति की भावना को व्यक्त करते हुए बताया है कि इस देश में सिखाया जाता है कि मातृभूमि के सम्मान और रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देना सर्वोच्च कर्तव्य है। इस प्रकार, 'मोती' और 'माँ' शब्दों का प्रयोग क्रमशः भारत की समृद्धि और मातृभूमि के प्रति समर्पण को दर्शाने के लिए किया गया है।
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अध्याय 1.7: मेरे देश के लाल - अंतःपाठ प्रश्न [पृष्ठ २२]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 2 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.7 मेरे देश के लाल
अंतःपाठ प्रश्न | Q ५. | पृष्ठ २२
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