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मैंने समझा पद कविता से - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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प्रश्न

मैंने समझा पद कविता से

विस्तार में उत्तर

उत्तर

पद पाठ से मैंने यह समझा कि,

  1. ईश्वर सर्वव्यापी हैं → दादू और नानक देव ने बताया कि ईश्वर सभी में समान रूप से बसे हैं, भेदभाव नहीं करना चाहिए।
  2. सच्ची भक्ति ही धन है → मीरा ने सांसारिक मोह-माया छोड़कर प्रभु प्रेम को ही सबसे बड़ा धन माना।
  3. अहंकार से मुक्त रहना चाहिए → नानक देव ने सुख-दुख में समान रहने और अहंकार से दूर रहने की शिक्षा दी।
  4. प्रेम और समर्पण महत्वपूर्ण हैं → देवदास और रसखान ने ईश्वर प्रेम को सुंदरता से व्यक्त किया।
  5. सत्कर्म और सत्य मार्ग पर चलना चाहिए → बिहारी ने अच्छे-बुरे लोगों में भेद समझने की बात कही।

इन पदों से हमें भक्ति, प्रेम, समर्पण, और मानवता का संदेश मिलता है। 

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अध्याय 1.1: पद - पाठ्य प्रश्न [पृष्ठ ३]

APPEARS IN

बालभारती Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
अध्याय 1.1 पद
पाठ्य प्रश्न | Q ३. | पृष्ठ ३
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