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प्रश्न
मिसेल क्या हैं? मिसेल निकाय का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर
मिसेल (Micelles) – कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जो कम सान्द्रताओं पर सामान्य प्रबल विद्युत-अपघट्यों के समान व्यवहार करते हैं, परन्तु उच्च सान्द्रताओं पर कणों का पुंज बनने के कारण कोलॉइड के समान व्यवहार करते हैं। इस प्रकार के पुंजित कण मिसेल कहलाते हैं।
उदाहरणार्थ – जल परिक्षेपण माध्यम में साबुन के अणुओं के स्टिएरेट की विभिन्न इकाइयाँ पुंजित कोलॉइडी आकार के कण बनाती हैं जो मिसेल कहलाते हैं। मिसेल को सहचारी कोलॉइड भी कहते हैं। जल में साबुन का सान्द्र विलयन एक मिसेल निकाय कहलाता है।
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निम्नलिखित वैद्युत् अपघट्यों में से AgI/Ag+ सॉल के लिए किसका स्कंदन मान अधिकतम होगा?
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- साबुनों के मिसेल का बनना सभी तापों पर संभव है।
- साबुनों के मिसेल किसी विशेष सांद्रता के बाद बनते हैं।
- साबुन के विलयन का तनुकरण करने से मिसेल वापस अलग-अलग आयनों में टूट जाते हैं।
- साबुन का विलयन सभी सांद्रताओं पर सामान्य प्रबल वैद्युत् अपघट्य के समान व्यवहार करता है।
जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?
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(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।
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कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
कॉलम I | कॉलम II |
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(ii) द्रव-द्रव कोलॉइड |
(b) द्रवरागी कोलॉइड |
(iii) धन आवेशित कोलाँइड | (c) पायस |
(iv) ऋण आवेशित कोलॉइड | (d) FeCl3 + गरम जल |
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
कॉलम I | कॉलम II |
(i) अपोहन | (a) साबुन की मार्जन क्रिया |
(ii) पेप्टन | (b) स्कंदन |
(iii) पायसीकरण | (c) कोलॉइडी सॉल बनना |
(iv) वैद्युत कण-संचलन | (d) शुद्धिकरण |