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प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
मंत्री: | महाराज, लोगों की पहली शिकायत यही है कि पानी अब निर्मल नहीं रहा है। यह नदियों और गह्वरों में बहते समय गंदगी और बीमारियाँ अपने साथ बहाकर सब जगह पहुँचा देता है। |
पानी: | महाराज, ये लोग पहले की तरह पानी की रखवाली नहीं करते हैं। पशुओं को जोहड़ के भीतर तैरने छोड़ जाते हैं। पशु अपनी गंदगी तालाब में छोड़ जाते हैं। गाँव की दूसरी गंदगी भी तालाब में फेंक दी जाती हैं। नदियों में कारखानों की गंदगी व शहर के गंदे नाले का पानी छोड़ा जाता है। महाराज, मैं अपने आप गंदा नहीं होता। मुझसे शिकायत करने वाले ही गंदा और दूषित करते हैं। |
- कारण लिखिए: [2]
पानी का अशुद्ध होना-- ..............
- ..............
-
- निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: [1]
- बीमारियाँ - ..............
- नदी - .............
- निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द लिखिए: [1]
- शहर × .............
- भीतर × ..............
- निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: [1]
- 'जल ही जीवन है' इस विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
आकलन
उत्तर
- लोग पहले की तरह पानी की रखवाली नहीं करते।
- पशु अपनी गंदगी तालाब में छोड़ जाते हैं।
-
-
- बीमारियाँ - बीमारी
- नदी - नदियाँ
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- शहर × गाँव
- भीतर × बाहर
-
- जल के बिना जीवन संभव नहीं है। यह हमारी मूलभूत आवश्यकता है। जल का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। बढ़ता प्रदूषण और बर्बादी जल संकट को बढ़ा रहे हैं। हमें जल बचाना चाहिए ताकि भविष्य सुरक्षित रहे।
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