हिंदी

निम्नलिखित परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

पिरिडीनियम क्लोरोक्रोमेट (PCC) श्रेष्ठ अभिकर्मक है जो कि क्रोमियम ट्राइऑक्साइड का पिरिडीन व HCl के साथ संकुल है।

\[\ce{CH3 - CH = CH - CH2OH ->[PCC] CH3 - CH = CH - CHO}\]

shaalaa.com
ऐल्कोहॉली और फ़िनॉलो का विरचन
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 11: ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर - अभ्यास [पृष्ठ १६९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
अध्याय 11 ऐल्कोहॉल, फ़ीनॉल एवं ईथर
अभ्यास | Q III. 27. | पृष्ठ १६९

संबंधित प्रश्न

टॉलूईन के सूर्य के प्रकाश में मोनोक्लोरीनन के पश्चात जलीय NaOH द्वारा अपघटन से ______ बनेगा।


निम्नलिखित अभिक्रिया में ऐल्कोहॉलों की क्रियाशीलता का कौन-सा क्रम सही है?

\[\ce{R-OH + HCl ->[ZnCl2] R-Cl + H2O}\]


ऐल्किल हैलाइडों को ऐल्कोहॉलों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया में ______ निहित होती है।


निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ प्रबलतम क्षार की तरह कार्य कर सकती है?


निम्नलिखित यौगिकों को बढ़ते हुए क्वथनांक के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

प्रोपेन-1-ऑल, ब्यूटेन-1-ऑल, ब्यूटेन-2-ऑल, पेन्टेन-1-ऑल


ऐथेनॉल और 2-क्लोरोऐथेनॉल में से कौन-सा अधिक अम्लीय है और क्यों?


प्रोपेन-2-ओन को तृतीयक-ब्युटिल ऐल्कोहॉल में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है?


स्पष्ट कीजिए कि फ़ीनॉलों में नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ सामान्यतः बहुत अधिक क्यों नहीं होतीं?


ऐल्कीनों के ऐल्कोहॉलों से विरचन में ऐल्कीन के कार्बन परमाणु पर इलेक्ट्रॉनरागी आक्रमण होता है। इसकी क्रियाविधि स्पष्ट कीजिए।


फ़ीनॉल का द्विध्रुव अघूर्ण मेथेनॉल से कम क्यों होता है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×