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ऊपर के चित्रों में जो बच्चे हैं उन्हें पहले ‘विकलांग’ कहा जाता था। इस शब्द को बदलकर आज उनके लिए जो शब्द प्रयोग किए जाते हैं वे हैं-‘खास जरूरतों वाले बच्चे। - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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प्रश्न

ऊपर के चित्रों में जो बच्चे हैं उन्हें पहले ‘विकलांग’ कहा जाता था। इस शब्द को बदलकर आज उनके लिए जो शब्द प्रयोग किए जाते हैं वे हैं-‘खास जरूरतों वाले बच्चे। उनके बारे में लोगों के पूर्वाग्रहों को यहाँ बड़े अक्षरों में दिया गया है। साथ में उनकी अपनी भावनाएँ और विचार भी दिए गए हैं। ये बच्चे अपने से जुड़ी रूढिबद्ध धारणाओं के बारे में क्या कह रहे हैं और क्यों-इस पर चर्चा कीजिए।

संक्षेप में उत्तर

उत्तर

चित्रों में ये बच्चे अपने से जुड़ी रूढिबद्ध धारणओं के बारे में निम्नलिखित बातें कह रहे हैं –

  1. चित्र -1 – लोग मेरे विषय में तरह-तरह की बातें करते हैं मैं लँगड़ाता हूँ, मेरी बोली लड़खड़ाती है इसके अलावा और भी बहुत कुछ। इसलिए मैं कभी उदास हो जाता हूँ तो कभी दुःखी हो जाता हूँ। लोग मेरा मजाक भी उड़ाते हैं, लेकिन मेरे लिए यह नई बात नहीं है।
  2. चित्र – 2 – लोग मुझे देखकर कहते हैं कि तुम दूसरों से कितनी अलग दिखती हो। ये सब बातें सुनकर मुझे शर्म आती है, क्योंकि मैं भी एक इंसान हूँ और मैं इन घूरती नजरों से छिप जाना चाहती हूँ।
  3. चित्र -3 – मेरी टाँगें डगमगाती हैं इसलिए लोगों को शक है कि शायद मेरा दिमाग भी सामान्य नहीं है, जबकि मैं दूसरे बच्चों की तरह पढ़-लिख सकता हूँ।
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रूढ़िबद्ध धारणाएँ
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अध्याय 2: विविधता एवं भेदभाव - Intext [पृष्ठ १८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - Social and Political Life 1 [Hindi] Class 6
अध्याय 2 विविधता एवं भेदभाव
Intext | Q 4 | पृष्ठ १८

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