हिंदी

‘वे कोमल एवं मृदु स्वभाव की हैं, वे बहुत ही सुशील हैं’-ऐसे कथनों को लेकर उन पर चर्चा कीजिए कि ये कैसे केवल लड़कियों पर लागू किए जाते हैं। - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

‘वे कोमल एवं मृदु स्वभाव की हैं, वे बहुत ही सुशील हैं’-ऐसे कथनों को लेकर उन पर चर्चा कीजिए कि ये कैसे केवल लड़कियों पर लागू किए जाते हैं। क्या लड़कियों में से गुण जन्म से ही होते हैं या वे ऐसा व्यवहार समाज से सीखती हैं? आपकी उन लड़कियों के बारे में क्या राय है जो कोमल एवं मृदु स्वभाव की नहीं होतीं और शरारती होती हैं?

टिप्पणी लिखिए

उत्तर

कुछ स्वभाव मनुष्य में जन्म से ही होते हैं तथा कुछ स्वभाव वह समाज से सीखता है। लड़कियों को कोमल तथा मृदु स्वभाव समाज द्वारा सिखाया जाता है, क्योंकि समाज में यह रूढिबद्ध धारणा है कि लड़कियों को कोमल तथा मृदु होना चाहिए, परंतु सभी लड़कियाँ एक जैसी नहीं होती हैं और वे रूढिबद्ध धारणा के अनुसार अपने आपको नहीं बनाती हैं।

shaalaa.com
रूढ़िबद्ध धारणाएँ
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: विविधता एवं भेदभाव - Intext [पृष्ठ १९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Social Science - Social and Political Life 1 [Hindi] Class 6
अध्याय 2 विविधता एवं भेदभाव
Intext | Q 6 | पृष्ठ १९

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित कथनों का मेल कराइए। रूढिबद्ध धारणाओं को कैसे चुनौती दी जा रही है, इस पर चर्चा कीजिए

दो डॉक्टर खाना खाने बैठे थे और उनमे से एक ने मोबाइल पर फ़ोन करके दमा का पुराना मरीज है
जिस बच्चे ने चित्रकला प्रतियोगिता जीती, वह मंच पर एक अंतरिक्ष यात्री बनने का सपना अंततः पूरा हुआ
संसार के सबसे तेज धावकों में एक अपनी बेटी से बात की जो उसी समय स्कूल से लौटी थी
वह बहुत आमिर नहीं थी , लेकिन उसका पुरस्कार लेने के लिए एक पहियोंवाली कुर्सी पर गया

रूढ़िबद्ध धारणाओं एवं भेदभाव में क्या अंतर है?


ऊपर के चित्रों में जो बच्चे हैं उन्हें पहले ‘विकलांग’ कहा जाता था। इस शब्द को बदलकर आज उनके लिए जो शब्द प्रयोग किए जाते हैं वे हैं-‘खास जरूरतों वाले बच्चे। उनके बारे में लोगों के पूर्वाग्रहों को यहाँ बड़े अक्षरों में दिया गया है। साथ में उनकी अपनी भावनाएँ और विचार भी दिए गए हैं। ये बच्चे अपने से जुड़ी रूढिबद्ध धारणाओं के बारे में क्या कह रहे हैं और क्यों-इस पर चर्चा कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×