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प्रश्न
‘रंगों का जीवन में बड़ा महत्त्व है’ उदाहरण सहित स्पष्ट लिखिए।
उत्तर
रंगों का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। रंग अर्थात वर्णों का हमारे जीवन में बड़ा महत्त्व है। मूल रूप से इंद्रधनुष के सात रंगों को ही रंगों का जनक माना जाता है। रंगों के बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। रंग हैं लाल, नारंगी, पीला, हरा, आसमानी, नीला और बैगनी। इंद्रधनुष के रंगों की छटा हमारे मन को बहुत आकर्षित करती है। रंगों के बिना हमारा जीवन बिना प्राण के शरीर जैसा होता है।
बालक पैदा होने के बाद रंगों की सहायता से ही वस्तुओं को पहचानता है। प्राकृतिक रंगों को देखकर हमारी अंतरंग आत्मा प्रफुल्लित हो जाती है। रंगों के बिना हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। रंगों के बिना हमारा जीवन ठीक वैसा ही है, जैसे प्राणों के बिना शरीर। रंगों के बिना हमारा जीवन उदास एवं सूना है।
मुख्यत: इंद्रधनुष के सात रंगों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कोई रंग हमें उत्तेजित करता है, तो कोई प्रेम के लिएं प्रेरित करता है। यदि प्रकृति में सुंदर-सुंदर रंग नहीं होते तो यह दुनिया इतनी मनमोहक न होती। कोई रंग हमें शांति प्रदान करता है, तो कोई सुख का एहसास कराता है। एक चित्रकार की कला भी रंगों के बिना अधूरी है। रंगों के बिना उसकी कला का अस्तित्व न के बराबर होता है।
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संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-
अमृता प्रीतम - आप औरत को औरत के तौर पर महत्त्व नहीं देते ? केवल माँ के तौर पर महत्त्व देते हैं ?
शोभा सिंह - मैं रचनात्मक शक्ति के सम्बन्ध में कह रहा हूँ।
जैसे अमृता का महत्त्व उसके लेखिका होने के कारण है, शोभा सिंह का चित्रकार होने के कारण, उसी तरह औरत का महत्त्व उसके माँ होने के कारण है। उसकी रचनात्मक शक्ति उसके माँ होने में है। अपने अस्तित्व की धरती में वह एक बीज को धारण करने के लिए माँ-बाप, बहन- भाई, घर-सहेलियाँ, सब कुछ छोड़कर वह एक नई और ऊपरी धरती पर चली जाती है। यह कितनी बड़ी साधना है यह उसकी कला है, उसकी दैवी शक्ति उसका ज्ञान इसी जगह वह ' जीनियस ' है। |
(1) कृति पूर्ण कीजिए - (2)
(2) (i) लिंग परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए : (1)
केवल माँ के तौर पर महत्त्व देते हैं।
(ii) निम्तलिखित शब्दों के लिए गद्यांश यें आए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए। (1)
- नारी - ______
- बल - ______
(3) स्त्री होने का महत्त्व 20 से 30 शब्दों में समझाइए। (2)
‘कला अभिव्यक्ति का माध्यम है’ अंतरजाल की सहायता से इसकी जानकारी इकट्ठा कर पढ़िए।
‘कलादीर्घा (आर्ट गैलरी) में बिताए हुए समय’ का अपना अनुभव अपने मित्रों को बताइए।
शोभा सिंह ने ‘सत्यम्, शिवम्, सुंदरम्’ का क्रम बदला है।
प्रश्नकर्ता के अनुसार हमारी धरती का यथार्थ बहुत भयानक नहीं है।
कलाकार की शक्ति उसके चिंतन में है।
शोभा सिंह कलाकार का कर्म एक छोटी-सी जलती हुई मोमबत्ती नहीं समझते।
कृति पूर्ण कीजिए:
उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
अ | उत्तर | आ |
चित्रकार | ______ | माँ |
लेखक | ______ | शोभा सिंह |
ईश्वर | ______ | अमृता प्रीतम |
जीनियस | ______ | बेगाना पुत्र |
कलाकार |
सुंदरता के लिए ______ सबसे पहली अवस्था है।
हमारी धरती का ______ बहुत भयानक है।
कलाकार की शक्ति उसके ______ में है।
मैं रचनात्मक ______ के संबंध में कह रहा हूँ।
पाठ में प्रयुक्त ऐसे शब्द ढूँढ़कर लिखिए जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता।
जैसे : वृक्ष = वृक्ष
‘कला जीवन को आनंदित करने का साधन है,’ विषय पर अपना मत स्पष्ट कीजिए।
‘पुस्तक मेले में दो घंटे’ विषय पर अस्सी से सौ शब्दों में निबंध लिखिए।