Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
आयतलोचना | ______ | ______ |
उत्तर
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
आयतलोचना | आयते लोचने यस्याः सा | बहुव्रीहिः |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सन्धिविग्रह कुरुत।
पुरोहितोऽवदत्।
पूर्वपदं लिखत ।
वातेनोदरम् = ______ + उदरम् ।
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
धनधान्यपुष्पफलानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चोरलुण्ठकेभ्य: भयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
अपरिचितः | ______ | _____ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहं विपुलं धनं प्राप्नुयाम् । (लकारं लिखत ।)
क्रियापद्तालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
स्पृहयेत् | ______ | ______ | प्रथमः | विधिलिङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
किञ्चिज्ज्ञः | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
अद्ययावद्धि ।
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | धन्विभ्यः | पञ्चमी |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | ताः | प्रथमा |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
नक्राद् मुक्तः शङ्करः मातुः चरणी प्राणमत् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
आचार्यः शिष्यगणेन सह गङ्गास्नानार्थं गच्छति स्म।
(‘स्म’ निष्कासयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत् ।
(पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत ।)
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
सद्गुणसम्पत्तिः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
गृध्रराज : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
गृहस्थ: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
पूर्णानदी | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
याचतेऽयम् = याचते + ______
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
प्र + विश् (६ उ.प.) | प्रविष्ट: | ______ | ______ | प्रविशन् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
भरतमुनिः | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्रयसिशत् - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत
५६- ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
१८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४८ - ______
लकारं लिखत ।
तत्प्रा यतस्व । - ______
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
लकारं लिखत ।
स मूल्यं महयं दद्यात्
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - ______।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
३० - ______
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्र: लेखं लिखति। (अध्यापक:) (णिजन्तं कुरुत।)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
कुसुमम् = ______।