Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | ताः | प्रथमा |
उत्तर
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
सा | ते | ताः | प्रथमा |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
नदी = ______
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
वयम् आनन्देन एकत्र निवसामः ।(लटलकारस्थाने लङ्लकार योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
सारथिरपि ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
चिन्ताकुल : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विद्याविहीनः | ______ | ______ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
भगवत: वदनं धाम्ना राजते स्म ।
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
भक्तिरसार्णवः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
परमाणु: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
नीरजम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
हस्तस्थम् | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
दा (३ उ.) | यच्छति | लट् लोट् |
______ | ददाते ददते |
दत्तम् दत्त |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत् ।
(पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत ।)
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
आयतलोचना | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अरुचि: | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि ।
(‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि ।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाण : |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
रामाभिषेकः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
समीपस्थः | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | यच्छतः | ______ | परथमः | लट् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
पूज्(१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
४२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२८ - ______
लकारं लिखत ।
वयं वृत्त्यर्थं कार्यरताः स्याम ।
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव - ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - मम, राजा, सः, नदी, एतस्मिन्)
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
एकोनसप्ततिः -
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______