Advertisements
Advertisements
प्रश्न
क्रियापदतालिकां पूरयत
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
उत्तर
ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
जीवति | जीवत: | जीवन्ति | प्रथमः | लट् |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत
१० - ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
मञ्जृषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जृषा- खादन्ति, पूजितः, मतुक्तः, लभते, भेतव्यम्)
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
त्वं धनुः ______।
पूर्वपदं लिखत ।
वातेनोदरम् = ______ + उदरम् ।
समासविग्रहं कुरुत-
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
प्रजाहितदक्षः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
विविधबीजानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
नीतिनिपुणः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
राजसद्म | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत।
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
सूक्ष्मकणाः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
नीरजम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
दर्शनार्थम् | ______ | ______ |
तालिकां पूरयत
धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
अहं बालैः सह पत्रक्रीडायां मनः आसम् ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सर्कसस्वामिनः विवशता मया अवगता ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पत्रक्रीडायां मनः आसम् अहम् । (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
प्रेक्षकाः मां निघृणं ताडितवन्तः । (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत ।)
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
______ | ______ | ताः | प्रथमा |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
बालवीरचमूः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
अनुत्तमानि | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अम्भोदा: वसुधाम् आर्द्रयन्ति । (कर्तृपदम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
यो जानाति स पण्डितः । (बहुवचने परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि ।
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
समीपस्थः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
भरतमुनिः | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
______ | यच्छतः | ______ | परथमः | लट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्रयसिशत् - ______
लकारं लिखत ।
सः मृगं बन्धनात् व्यमुचत् ।
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९० - ______
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
नाम | सर्वनाम |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषात: क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथक्कुरुत।
क्रियापदम् | धातुसाधित विशेषणम् |
______ | ______ |
(मञ्जूषा - आनयति, हत:, अगच्छत्, कर्तव्यम्, भवेत्)