Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तुम्हारे घर के पास कौन-कौन से पेड़-पौधे, पशु-पक्षी आमतौर पर नज़र आते हैं? उनकी सूची बनाओ।
उत्तर
इनकी सूची इस प्रकार है-
- पेड़ों की सूची- आम, पपीता, कटहल, बेलपथरी का पेड़, शहतूत, अमरूद्ध का पेड़, अशोक वृक्ष आदि।
- पौधों की सूची- मेंहदी, कड़ी पत्ता, ऐलोवेरा, कॉमन लारेल, नींबू का पौधा, चमेली का पौधा आदि।
- पशु- सांड, गाय, कुत्ता, बिल्ली, बकरी, भैंस आदि।
- पक्षी- तोता, कबूतर, मैना, छोटी चिड़िया, चील आदि।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
क्या आपको दूसरों के इशारों पर काम करना अच्छा लगता है? इसका तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
क्रांति लाने के लिए कवि किसका सहारा लेता है?
तुम पेड़ों को बचाने के लिए क्या कुछ कर सकते हो? बताओ।
रिक्त स्थान पूरे करो।
नमूना → | वह मोर सा नाचता है। |
मेघाश्री की आवाज़ __________ की तरह मीठी है।
यदि आपके घर के किसी स्थान पर किसी पक्षी ने अपना आवास बनाया है और किसी कारणवश आपको अपना घर बदलना पड़ रहा है तो आप उस पक्षी के लिए किस तरह के प्रबंध करना आवश्यक समझेंगे? लिखिए।
'भूखे-प्यासे' में द्वंद्व समास है। इन दोनों शब्दों के बीच लगे चिह्न को सामासिक चिह्न (-) कहते हैं। इस चिह्न से 'और' का संकेत मिलता है, जैसे-
भूखे-प्यासे = भूखे और प्यासे।
• इस प्रकार के दस अन्य उदाहरण खोजकर लिखिए।
बहुविकल्पी प्रश्न
पहाड़ के चरणों में बहती नदी किस रूप में दिखाई देती है?
बहुविकल्पी प्रश्न
“चिलम आधी होना’ किसका प्रतीक है?
बहुविकल्पी प्रश्न
साँचा मीत किसे कहा गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?
रहीम ने क्वार के बादलों की तुलना किससे और क्यों की है?
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
कैसी बूंदें पड़ रही थीं।
नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।
नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
खाने-गाने के सब साथी,
देख रहे हैं मेरी बाट।
कविता में कवि की क्या विनती है?
कवि क्यों कह रहा है कि
'आज सभ्यता वहशी बन,
पेड़ों को काट रही है?'
इस पर अपने विचार लिखो।