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प्रश्न
विद्यार्थियों के एक समूह ने जूते का एक पुराना डिब्बा लिया तथा इसके सभी पाश्र्व काले कागज से ढक दिये। इस बॉक्स में एक छिद्र बनाकर एक प्रकाश स्रोत (टार्च) लगा दिया तथा दूसरे पार्श्व पर प्रकाश को देखने के लिए एक अन्य छिद्र किया। उन्होंने चित्र में दर्शाए अनुसार दूध के नमूने को एक बीकर/पात्र में लेकर बॉक्स में रखा। उन्हें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि बीकर में लिया गया दूध प्रदीप्त करता है। उन्होंने इसी क्रियाकलाप को नमक का विलयन लेकर करने का प्रयास किया परंतु पाया कि प्रकाश इसमें से सामान्य रूप से निकल गया।
- समझाइए दूध क्यों प्रदीप्त हुआ? इस परिघटना का नाम दीजिए।
- नमक के विलयन से समान परिणाम प्रेक्षित नहीं हुए समझाइए।
- क्या आप दूध के विलयन द्वारा दर्शाए गये प्रभाव के समान प्रदर्शित करने वाले दो अन्य विलयनों के नाम सुझा सकते हैं?
उत्तर
- दूध एक कोलॉइडी विलयन है, इसलिए टिंडल प्रभाव प्रदर्शित करता है।
- वास्तविक विलयन टिंडल प्रभाव प्रदर्शित नहीं करते क्योंकि वे प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं करते।
- अपमार्जक विलयन, गंधक विलयन।
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