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प्रश्न
वसूली खाता पुनर्मूल्यांकन खाते से किस प्रकार भिन्न है।
उत्तर
वसूली खाता फर्म के विघटन/समापन पर बनाया जाता है जबकि पुनर्मूल्यांकन खाता साझेदारी के पुनर्गठन पर बनाया जाता है।
वसूली खाता सम्पतियों से वसूली तथा दायित्वों के भुगतान को प्रदर्शित करता है। जबकि पुनर्मूल्यांकन खाता सम्पतियों तथा दायित्वों के मूल्यों में वृद्धि या कमी को प्रदर्शित करता है।
वसूली खाते तथा पुनर्मूल्यांकन खाते का शेष साझेदारों में लाभ/हानि अनुपात में विभाजित किया जाता है।
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