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प्रश्न
यदि एक लंब वृत्तीय शंकु की त्रिज्या आधी कर दी जाए और ऊँचाई दुगुनी कर दी जाए, तो उसके आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है।
विकल्प
सत्य
असत्य
उत्तर
यह कथन असत्य है।
स्पष्टीकरण -
मान लीजिए एक लम्बवृत्तीय शंकु की त्रिज्या r है और एक लम्बवृत्तीय शंकु की ऊँचाई h है।
फिर, एक लम्ब वृत्तीय शंकु का आयतन = `1/3 pir^2h`
अब, `r = r/2, h= 2h`
एक समवृत्तीय शंकु का नया आयतन = `1/3 pi(r/2)^2 xx (2h)`
= `1/3 pi xx r^2/4 xx 2h`
= `1/3 pi xx r^2/2 h`
= `1/2(1/3 pir^2h)`
अतः, एक लंबवृत्तीय शंकु का नया आयतन, लंबवृत्तीय शंकु के मूल आयतन का आधा हो जाता है।
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