हिंदी

HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा - Maharashtra State Board Question Bank Solutions for Hindi

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषयों
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi
< prev  21 to 40 of 238  next > 

जानकारी लिखिए:

‘कोखजाया’ कहानी के हिंदी अनुवादक का नाम लिखिए।

[0.11] कोखजाया
Chapter: [0.11] कोखजाया
Concept: undefined > undefined

कहानी विधा की विशेषता लिखिए।

[0.11] कोखजाया
Chapter: [0.11] कोखजाया
Concept: undefined > undefined

Advertisements

‘कवि ने कनुप्रिया के माध्यम से आधुनिक मानव की व्यथा को शब्दबद्ध किया है’, इस कथन को स्पष्ट कीजिए। 

[0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

राधा की दृष्टि से जीवन की सार्थकता बताइए।

[0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined > undefined

फीचर लेखन की विशेषताएँ लिखिए ।

[0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Chapter: [0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

फीचर लेखन करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।

[0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Chapter: [0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

ब्लॉग लेखन में बरतनी जानेवाली सावधानियों पर प्रकाश डालिए।

[0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Chapter: [0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Concept: undefined > undefined

अपने शहर की विशेषताओं पर ब्लॉग लेखन कीजिए।

[0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Chapter: [0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित का उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए:

प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीवों द्‌वारा प्रकाश उत्पन्न करने के उद्देश्यों की जानकारी दीजिए।

[0.18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Chapter: [0.18] व्यावहारिक हिंदी : प्रकाश उत्पन्न करने वाले जीव
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए: 

‘‘वे मुझे बर्दाश्त नहीं कर सकते, यदि मुझपर हँसें नहीं। मेरी मानसिक और नैतिक महत्ता लोगों के लिए असहनीय है। उन्हें उबाने वाली खूबियों का पुंज लोगों के गले के नीचे कैसे उतरे? इसलिए मेरे नागरिक बंधु या तो कान पर उँगली रख लेते हैं या बेवकूफी से भरी हँसी के अंबार के नीचे ढँक देते हैं मेरी बात।’’ शॉ के इन शब्दों में अहंकार की पैनी धार है, यह कहकर हम इन शब्दों की उपेक्षा नहीं कर सकते क्योंकि इनमें संसार का एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण सत्य कह दिया गया है।

संसार में पाप है, जीवन में दोष, व्यवस्था में अन्याय है, व्यवहार में अत्याचार... और इस तरह समाज पीड़ित और पीड़क वर्गों में बँट गया है। सुधारक आते हैं, जीवन की इन विडंबनाओं पर घनघोर चोट करते हैं। विडंबनाएँ टूटती-बिखरती नजर आती हैं पर हम देखते हैं कि सुधारक चले जाते हैं और विडंबनाएँ अपना काम करती रहती हैं।

आखिर इसका रहस्य क्या है कि संसार में इतने महान पुरुष, सुधारक, तीर्थंकर, अवतार, संत और पैगंबर आ चुके पर यह संसार अभी तक वैसा-का-वैसा ही चल रहा है।

(१) आकृति पूर्ण कीजिए: (२)

  1. संसार में - 
  2. जीवन में - 
  3. व्यवस्था में - 
  4. व्यवहार में -

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए: (२)

  1. ढेर -
  2. धारदार - 
  3. शोषक -
  4. उपहास -

(३) ‘समाजसेवा ही ईश्वरसेवा है’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[0.06] पाप के चार हथियार
Chapter: [0.06] पाप के चार हथियार
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

          बदले वक्त के साथ बदलते समय के नये मूल्यों को भी पहचानकर हमें अपनाना है पर यहाँ ‘पहचान’ शब्द को रेखांकित करो। बिना समझे, बिना पहचाने कुछ भी नया अपनाने से लाभ के बजाय हानि उठानी पड़ सकती है।

          पश्चिमी दुनिया का हर मूल्य हमारे लिए नये मूल्य का पर्याय नहीं हो सकता। हमारे बहुत-से पुराने मूल्य अब इतने टूट-फूट गए हैं कि उन्हें भी जैसे-तैसे जोड़कर खड़ा करने का मतलब होगा, अपने आधार को कमजोर करना। या यूँ भी कह सकते हैं कि अपनी अच्छी परंपराओं को रूढ़ि में ढालना।

          समय के साथ अपना अर्थ खो चुकी या वर्तमान प्रगतिशील समाज को पीछे ले जाने वाली समाज की कोई भी रीति-नीति रूढ़ि है, समय के साथ अनुपयोगी हो गए मूल्यों को छोड़ती और उपयोगी मूल्यों को जोड़ती निरंतर बहती धारा परंपरा है, जो रूढ़ि की तरह स्थिर नहीं हो सकती।

           यही अंतर है दोनों में। रूढ़ि स्थिर है, परंपरा निरंतर गतिशील। एक निरंतर बहता निर्मल प्रवाह, जो हर सड़ी-गली रूढ़ि को किनारे फेंकता और हर भीतरी-बाहरी, देशी-विदेशी उपयोगी मूल्य को अपने में समेटता चलता है। इसीलिए मैंने पहले कहा है कि अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई लाभ नहीं, आज नहीं तो कल, वे जर्जर मूल्य भरहराकर गिरेंगे ही।

(१) कारण लिखिए: (२)

  1. बदले वक्‍त के साथ नए मूल्यों को पहचानकर हमें अपनाना है
  2. अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई नहीं है

(२) उपर्युक्त गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: (२)

(१)  
(२)  
(३)  
(४)  

(३) ‘बदलते समय के साथ हमारे मूल्यों में भी परिवर्तन आवश्यक है’ इस विषय पर अपना मत ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट कीजिए। (२)

[0.08] सुनो किशोरी
Chapter: [0.08] सुनो किशोरी
Concept: undefined > undefined

सुदर्शन जी का मूल नाम लिखिए।

[0.04] आदर्श बदला
Chapter: [0.04] आदर्श बदला
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

तेरी गति मिति तूहै जाणहि किआ को आखि वखाणै
तू आपे गुपता, आपे परगटु, आपे सभि रंग माणै
साधिक सिध, गुरू बहु चेले खोजत फिरहि फुरमाणै
मागहि नामु पाइ इह भिखिआ तेरे दरसन कउ कुरबाणै
अबिनासी प्रभि खेलु रचाइआ, गुरमुखि सोझी होई।
नानक सभि जुग आपे वरतै, दूजा अवरु न कोई ।।

गगन मै थालु रवि चंदु दीपक बने।
तारिका मंडल जनक मोती।
धूपु मलआनलो, पवणु चवरो करे,
सगल बनराइ फूलंत जोती।
कैसी आरती होई।। भव खंडना, तेरी आरती।
अनहता सबद वाजंत भेरी ।।

(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)

(२) उचित मिलान कीजिए: (२)

(१) ईश्वर काल
(२) आकाश प्रभु
(३) समय खोजता
(४) खोज गगन

(३) ‘विद्यार्थी जीवन में गुरु का महत्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[0.05] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Chapter: [0.05] (अ) गुरुबानी (आ) वृंद के दोहे (पद्य)
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है।
चट्टानों पर फूल खिलाना हमको आता है।

परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक।
तेरे दानों में भी शायद, लगा है घुन मेरे मालिक।

हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए।
सारे जवाब उनके उजालों में खो गए।

चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है।
बरसों से इक सुबह हमारा नाम पुकारा करती है।

(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)

(१) उत्तर लिखिए: (१)

  • परिंदों को यह शिकायत है:

(२) परिणाम लिखिए: (१)

  • हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए:

(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए: (२)

  1. पक्षी - ______
  2. सपना - ______
  3. प्रश्न - ______
  4. उत्तर - ______

(३) ‘व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए’ इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[0.09] चुनिंदा शेर (पद्य)
Chapter: [0.09] चुनिंदा शेर (पद्य)
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

नीचे की घाटी से
ऊपर के शिखरों पर
जिसको जाना था वह चला गया
हाय मुझी पर पग रख
मेरी बाँहों से
इतिहास तुम्हें ले गया!

सुनो कनु, सुनो
क्या मैं सिर्फ एक सेतु थी तुम्हारे लिए
लीलाभूमि और युद्धक्षेत्र के
अलंघ्य अंतराल में!

अब इन सूने शिखरों, मृत्यु घाटियों में बने
सोने के पतले गुँथे तारोंवाले पुल-सा
निर्जन
निरर्थक
काँपता-सा, यहाँ छूट गया-मेरा यह सेतु जिस्म
जिसको जाना था वह चला गया

(१) संजाल पूर्ण कीजिए: (२)

(२) पद्यांश में आए हुए निम्न शब्दों का चयन परिवर्तन कीजिए: (२)

  1. बाँह - ______
  2. सेतु - ______
  3. लीला - ______
  4. घाटी - ______

(३) ‘वृक्ष की उपयोगिता’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ४५ शब्दों में लिखिए। (२)

[0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined > undefined

कनुप्रिया की दृष्टि से जीवन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

[0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Chapter: [0.13] विशेष अध्ययन : कनुप्रिया
Concept: undefined > undefined

“जो तोको काँटा बुवै, ताहि बोइ तू फूल।” इस पंक्ति का भाव पल्लवन कीजिए।

[0.14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Chapter: [0.14] व्यावहारिक हिंदी : पल्लवन
Concept: undefined > undefined

निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

मैं इस बात का ध्यान रखता हूँ कि कार्यक्रम कोई भी हो, मंच की गरिमा बनी रहे। मंचीय आयोजन में मंच पर आने वाला पहला व्यक्ति संचालक ही होता है। एंकर (उद्घोषक) का व्यक्तित्व दर्शकों की पहली नजर में ही सामने आता है। अतएव उसका परिधान, वेशभूषा, केश सज्जा इत्यादि सहज व गरिमामयी होनी चाहिए। उद्घोषक या एंकर के रूप में जब वह मंच पर होता है तो उसका व्यक्तित्व और उसका आत्मविश्वास ही उसके शब्दों में उतरकर श्रोता तक पहुँचता है। सतर्कता, सहजता और उत्साहवर्धन उसके मुख्य गुण हैं। मेरे कार्यक्रम का आरंभ जिज्ञासाभरा होता है। बीच-बीच में प्रसंगानुसार कोई रोचक दृष्टांत, शेर-ओ-शायरी या कविताओं के अंश का प्रयोग करता हूँ। जैसे- एक कार्यक्रम में वक्ता महिलाओं की तुलना गुलाब से करते हुए कह रहे थे कि महिलाएँ बोलती भी ज्यादा हैं और हँसती भी ज्यादा हैं। बिलकुल खिले गुलाबों की तरह वगैरह ...। जब उनका वक्तव्य खत्म हुआ तो मैंने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि सर आपने कहा कि महिलाएँ हँसती-बोलती बहुत ज्यादा हैं।

(१) वाक्य पूर्ण कीजिए: (२)

  1. मंचीय आयोजन में मंच पर आने वाला पहला व्यक्ति ______।
  2. मेरे कार्यक्रम का आरंभ ______।
  3. मैं इस बात का ध्यान रखता हूँ कि कार्यक्रम कोई भी हो ______।
  4. एंकर (उद्घोषक) का व्यक्तित्व दर्शकों की ______।

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए परिच्छेद में आए हुए प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए: (२)

  1. व्यक्ति - ______
  2. सहज - ______
  3. सतर्क - ______
  4. गरिमा - ______

(३) ‘व्यक्तित्व विकास में भाषा का महत्व’ इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)

[0.16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Chapter: [0.16] व्यावहारिक हिंदी : मैं उद्घोषक
Concept: undefined > undefined

विपुल पठन, ______ तथा भाषा का समुचित ज्ञान होना आवश्यक है।

[0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Chapter: [0.17] व्यावहारिक हिंदी : ब्लॉग लेखन
Concept: undefined > undefined

विषय का ______ शीर्षक फीचर की आत्मा है।

[0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Chapter: [0.15] व्यावहारिक हिंदी : फीचर लेखन
Concept: undefined > undefined
< prev  21 to 40 of 238  next > 
Advertisements
Advertisements
Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Economics [अर्थशास्त्र]
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा English
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Geography [भूगोल]
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Hindi
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा History [इतिहास]
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Information Technology
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Marathi
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Mathematics and Statistics
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Political Science [राज्यशास्त्र]
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Psychology [मानसशास्त्र]
Question Bank Solutions for Maharashtra State Board HSC Arts (Marathi Medium) १२ वीं कक्षा Sociology [समाजशास्त्र]
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×