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Chapters
▶ 2: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
3: मुद्रा और साख
4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था
5: उपभोक्ता अधिकार
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Solutions for Chapter 2: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
Below listed, you can find solutions for Chapter 2 of CBSE NCERT for Social Science - Economics: Understanding Economic Development [Hindi] Class 10.
NCERT solutions for Social Science - Economics: Understanding Economic Development [Hindi] Class 10 2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक अभ्यास [Pages 35 - 37]
कोष्ठक में दिए गए सही विकल्प का प्रयोग कर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
सेवा क्षेत्रक में रोजगार में उत्पादन के समान अनुपात में वृद्धि _______।
हुई है
नहीं हुई है
______ क्षेत्रक के श्रमिक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करते हैं।
तृतीयक
कृषि
______ क्षेत्रक के अधिकांश श्रमिकों को रोजगार-सुरक्षा प्राप्त होती है।
संगठित
असंगठित
भारत में ________ संख्या में श्रमिक असंगठित क्षेत्रक में काम कर रहे हैं।
बड़ी
छोटी
कपास एक ______ उत्पाद है और कपड़ा एक ______ उत्पाद है। (प्राकृतिक/विनिर्मित)
प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक की गतिविधियाँ ______ हैं।
स्वतंत्र
परस्पर निर्भर
सही उत्तर का चयन करें
सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक आधार पर विभाजित हैं।
रोजगार की शर्ते
आर्थिक गतिविधि के स्वभाव
उद्यमों के स्वामित्व
उद्यम में नियोजित श्रमिकों की संख्या
एक वस्तु का अधिकांशतः प्राकृतिक प्रक्रिया से उत्पादन ______ क्षेत्रक की गतिविधि है।
प्राथमिक
द्वितीयक
तृतीयक
सूचना प्रौद्योगिकी
किसी वर्ष में उत्पादित ______ कुल मूल्य को स. घ. उ. कहते हैं।
सभी वस्तुओं और सेवाओं
सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं
सभी मध्यवर्ती वस्तुओं और सेवाओं
सभी मध्यवर्ती एवं अंतिम वस्तुओं और सेवाओं
स. घ. उ. के मदों में वर्ष 2003 में तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी ______ प्रतिशत है।
20 से 30
30 से 40
50 से 60
60 से 70
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए
कृषि क्षेत्रक की समस्याएँ | कुछ संभावित उपाय | ||
1. | असिंचित भूमि | (अ) | कृषि-आधारित मिलों की स्थापना |
2. | फसलों का कम मूल्य | (ब) | सहकारी विपणन समिति |
3. | कर्ज भार | (स) | सरकार द्वारा खाद्यान्नों की वसूली |
4. | मंदी काल में रोजगार का अभाव | (द) | सरकार द्वारा नहरों का निर्माण |
5. | कटाई के तुरंत बाद स्थानीय व्यापारियों को अपना अनाज बेचने की विवशता | (य) | कम ब्याज पर बैंकों द्वारा साख उपलब्ध कराना। |
असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?
पर्यटन-निर्देशक, धोबी, दर्जी, कुम्हार
असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?
शिक्षक, डॉक्टर, सब्जी विक्रेता, वकील
असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?
डाकिया, मोची, सैनिक, पुलिस कांस्टेबल
असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?
एम०टी०एन०एल०, भारतीय रेल, एयर इंडिया, सहारा एयरलाइन्स, ऑल इंडिया रेडियो।
एक शोध छात्र ने सूरत शहर में काम करने वाले लोगों का अध्ययन करके निम्न आँकड़े जुटाए
कार्य स्थान |
रोज़गार की प्रकृति |
श्रमिकों का प्रतिशत |
सरकार द्वारा पंजीकृत कार्यालयों और कारखानों में |
संगठित |
15 |
औपचारिक अधिकार - पत्र सहित बाज़ार में अपनी दुकान, कार्यालय, और क्लिनिक |
- |
15 |
सड़कों पर काम करने वाले लोग, निर्माण श्रमिक, घरेलू कामगार |
- |
20 |
छोटी कार्यशालाओं में काम करना आमतौर पर सरकार के पास पंजीकृत नहीं होता है |
- |
- |
तालिका को पूरा कीजिए। इस शहर में असंगठित क्षेत्रक में श्रमिकों की प्रतिशतता क्या है?
क्या आप मानते हैं कि आर्थिक गतिविधियों का प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्र में विभाजन की उपयोगिता है? व्याख्या कीजिए कि कैसे?
इस अध्याय में आए प्रत्येक क्षेत्रक को रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी० ) पर ही क्यों केन्द्रित करना चाहिए? क्या अन्य वाद - पदों का परीक्षण किया जा सकता है? चर्चा करें।
जीविका के लिए काम करनेवाले अपने आसपास के वयस्कों के सभी कार्यों की लंबी सूची बनाइए। उन्हें आप किस तरीके से वर्गीकृत कर सकते हैं? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
तृतीयक क्षेत्रक अन्य क्षेत्रकों से भिन्न कैसे हैं? सोदाहरण व्याख्या कीजिए।
प्रच्छन्न बेरोजगारी से आप क्या समझते हैं? शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए।
खुली बेरोजगारी एवं प्रच्छन्न बेरोजगारी के बीच विभेद कीजिए।
भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में तृतीयक क्षेत्रक कोई महत्त्वपूर्ण भूमिका नहीं निभा रहा है।” क्या आप इससे सहमत हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिए।
भारत में सेवा क्षेत्रक दो विभिन्न प्रकार के लोग नियोजित करता है।” ये लोग कौन हैं?
असंगठित क्षेत्रक में श्रमिकों का शोषण किया जाता है। क्या आप इस विचार से सहमत हैं? अपने उत्तर के समर्थन में कारण दीजिए।
आर्थिक गतिविधियाँ रोजगार की परिस्थितियों के आधार पर कैसे वर्गीकृत की जाती हैं?
संगठित और असंगठित क्षेत्रकों की रोजगार परिस्थितियों की तुलना करें।
मनरेगा 2005 (NREGA 2005) के उद्देश्यों की व्याख्या कीजिए।
अपने क्षेत्र से उदाहरण लेकर सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक की गतिविधियों एवं कार्यों की तुलना कीजिए।
अपने क्षेत्र से एक-एक उदाहरण देकर निम्न तालिका को पूरा कीजिए और चर्चा कीजिएः
सुव्यवस्थित प्रबंध वाले संगठन | कुव्यवस्थित प्रबंध वाले संगठन | |
सार्वजनिक क्षेत्रक | ||
निजी क्षेत्रक |
सार्वजनिक क्षेत्र की गतिविधियों के कुछ उदाहरण दीजिए और व्याख्या कीजिए कि सरकार द्वारा इन गतिविधियों का कार्यान्वयन क्यों किया जाता है?
व्याख्या कीजिए कि किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक कैसे योगदान करता है?
असंगठित क्षेत्रक के श्रमिकों को निम्नलिखित मुद्दों पर संरक्षण की आवश्यकता है-मजदूरी, सुरक्षा और स्वास्थ्य। उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।
अहमदाबाद में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि नगर के 15,00,000 श्रमिकों में से 11,00,000 श्रमिक असंगठित क्षेत्रक में काम करते थे। वर्ष 1997-98 में नगर की कुल आय 600 करोड़ रुपये थी, इसमें से 320 करोड़ रुपये संगठित क्षेत्रक से प्राप्त होती थी। इस आँकड़े को सारणी में प्रदर्शित कीजिए। नगर में और अधिक रोजगार-सृजन के लिए किन तरीकों पर विचार किया जाना चाहिए?
निम्नलिखित तालिका में तीनों क्षेत्रकों का सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी०) रुपये (करोड़) में दिया गया है
वर्ष | प्राथमिक | द्वितीयक | तृतीयक |
2000 | 52,000 | 48,500 | 1,33,500 |
2013 | 8,00,500 | 10,74,000 | 38,68,000 |
- वर्ष 2000 एवं 2013 के लिए जी०डी०पी० में तीनों क्षेत्रकों की हिस्सेदारी की गणना कीजिए।
- अध्याय में दिए आरेख-2 के समान इसे दंड-आरेख के रूप में प्रदर्शित कीजिए।
- दंड-आरेख से हम क्या निष्कर्ष प्राप्त करते हैं?
Solutions for 2: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
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NCERT solutions for Social Science - Economics: Understanding Economic Development [Hindi] Class 10 chapter 2 - भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
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Concepts covered in Social Science - Economics: Understanding Economic Development [Hindi] Class 10 chapter 2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक are आर्थिक कार्यों के क्षेत्रक, तीन क्षेत्रकों की तुलना, भारत में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक, संगठित और असंगठित के रूप में क्षेत्रकों का विभाजन, स्वामित्त्व आधारित क्षेत्रक - सार्वजनिक और निजी क्षेत्रक.
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