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आज आदिवासियों से संबंधित बड़े मुद्दे कौन-से हैं? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

आज आदिवासियों से संबंधित बड़े मुद्दे कौन-से हैं?

दीर्घउत्तर

उत्तर

जनजातियों को वनवासी समझा जाता है। इनके पहाड़ों अथवा जंगलों में निवास के कारण इनको आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विशेषताओं की पहचान मिली। आज पूर्वोत्तर राज्यों को छोड़कर देश में ऐसा कोई इलाका नहीं है, जहाँ केवल जनजातीय लोग ही रहते हों। वैसे क्षेत्र जहाँ जनजाति के लोग संकेद्रित हैं, वहाँ उनकी सामाजिक तथा आर्थिक गतिविधियाँ गैरजनजातियों से ज्यादा प्रभावकारी हैं। परंतु स्वतंत्रता के बाद आदिवासियों की जमीन नदियों पर बाँधों के निर्माण हेतु अधिगृहित कर ली गई। इसके परिणामस्वरूप लाखों आदिवासियों को बिना पर्याप्त मुआवजे के अपनी जमीनों से विस्थापित होना पड़ा आदिवासियों के संसाधनों को ‘राष्ट्रीय विकास’ तथा ‘आर्थिक संवृद्धि’ के नाम पर उनसे छीन लिया गया। उदाहरण के तौर पर, नर्मदा पर बनने वाले सरदार सरोवर बाँध तथा गोदावरी नदी पर बनने वाले पोलावरम बाँध के कारण हज़ारों आदिवासी विस्थापित हो जाएँगे। सरकार की उदारीकरण की नीतियों ने आदिवासियों को अभावग्रस्तता के गर्त में धकेल दिया है।

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जाति और जनजाति - दो व्यवस्थाएं जो विषमता को कायम रखती है एवं न्यायसंगत सिद्ध करती है
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पाठ 5: सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप - प्रश्नावली [पृष्ठ ११७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 12
पाठ 5 सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
प्रश्नावली | Q 9. | पृष्ठ ११७
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