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अन्य पिछड़े वर्ग दलितों (या अनुसूचित जातियों) से भिन्न कैसे हैं? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

अन्य पिछड़े वर्ग दलितों (या अनुसूचित जातियों) से भिन्न कैसे हैं?

दीर्घउत्तर

उत्तर

अस्पृश्यता सामाजिक विषमता का स्पष्ट तथा विभेदात्मक स्वरूप था। बावजूद इसके, जातियों का एक बड़ा समूह ऐसा भी था, जिसका दर्जा काफी नीचे था। यह समूह विभिन्न प्रकार के भेदभावों का शिकार था। भूतपूर्व अस्पृश्य समुदायों और उनके नेताओं ने दलित शब्द गढ़ा, जो उन सभी समूहों का उल्लेख करने के लिए अब आमतौर पर स्वीकार कर लिया गया है। दलित शब्द का अर्थ‘दबा-कुचला हुआ’ होता है, जो उत्पीड़ित लोगों को द्योतक है। | भारतीय संविधान ने इस संभावना को स्वीकार किया कि अनुसूचित जाति/जनजाति के अलावा भी कुछ ऐसे जातीय समूह हो सकते हैं, जोकि जातिगत भेदभाव के शिकार हैं। इन समूहों को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग अथवा अन्य पिछड़ा वर्ग का नाम दिया गया। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) न तो उच्च जातियों की तरह अधिक्रम में ऊपर है न ही दलित जातियों की तरह एकदम नीचे। दलितों की अपेक्षा अत्यंत पिछड़ी जातियों में विविधता अधिक है।

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जाति और जनजाति - दो व्यवस्थाएं जो विषमता को कायम रखती है एवं न्यायसंगत सिद्ध करती है
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पाठ 5: सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप - प्रश्नावली [पृष्ठ ११७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 12
पाठ 5 सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
प्रश्नावली | Q 8. | पृष्ठ ११७
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