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जातीय विषमता को दूर करने के लिए अपनाई गई कुछ नीतियों का वर्णन करें? - Sociology (समाजशास्त्र)

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प्रश्न

जातीय विषमता को दूर करने के लिए अपनाई गई कुछ नीतियों का वर्णन करें?

दीर्घउत्तर

उत्तर

राज्य स्तर पर अनुसूचित जाति/जनजातियों के लिए विशेष योजनाएँ बनाई गई हैं। इसके साथ व्यापक स्तर पर भेदभाव किए जाने के कारण इन जातियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। अन्य पिछड़ी जातियों (OBC) को भी इस प्रकार के विशेष प्रावधानों में शामिल किया गया है। अस्पृश्यता की रोकथाम तथा उसे समाप्त करने के लिए जो कानून बनाए गए हैं, वे निम्नलिखित हैं-

  1. जाति निर्योग्यता निवारण अधिनियम, 1850 – इस अधिनियम में यह व्यवस्था की गई है कि केवल धर्म या जाति के आधार पर ही नागरिकों के अधिकारों को कम नहीं किया जा सकता। यह अधिनियम दलितों को विद्यालयों में प्रवेश की अनुमति देता है।
  2. संविधान संशोधन ( 93वाँ ) अधिनियम, 2005 – इस अधिनियम के द्वारा उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में अन्य पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है।
  3. अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1983 – इस अधिनियम में अस्पृश्यता का उन्मूलन (अनुच्छेद 17) तथा आरक्षण का प्रावधान है।
  4. अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 – इस अधिनियम में दलितों तथा आदिवासियों के अधिकारों हेतु मज़बूत कानूनी प्रावधान किए गए हैं।
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जाति और जनजाति - दो व्यवस्थाएं जो विषमता को कायम रखती है एवं न्यायसंगत सिद्ध करती है
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पाठ 5: सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप - प्रश्नावली [पृष्ठ ११७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sociology [Hindi] Class 12
पाठ 5 सामाजिक विषमता एवं बहिष्कार के स्वरूप
प्रश्नावली | Q 7. | पृष्ठ ११७
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