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प्रश्न
अक्रिस्टलीय ठोसों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
पर्याय
गरम करने से किसी एक ताप पर ये क्रिस्टलीय बन सकते हैं।
लम्बे समय तक रखने से ये क्रिस्टलीय बन सकते हैं।
अक्रिस्टलीय ठोसों को गरम करके साँचे में ढाला जा सकता है।
यह विषमदैशिक प्रकृति के होते हैं।
उत्तर
यह विषमदैशिक प्रकृति के होते हैं।
स्पष्टीकरण -
- अक्रिस्टलीय ठोस प्रकृति में समदैशिक हैं।
- जालक के अणु ठोस या अणु समान पैटर्न में व्यवस्थित होते हैं।
- ऐसी संपत्ति वाले ठोस अलग दिशा से अलग माप देंगे।
- सभी गुण जैसे विद्युत चालकता, अपवर्तक सूचकांक का मान, यांत्रिक शक्ति आदि सभी दिशाओं में समान हैं।
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