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भाव स्पष्ट कीजिए - छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल? - Hindi Course - A

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प्रश्न

भाव स्पष्ट कीजिए -

छू गया तुमसे कि झरने लग पड़े शेफालिका के फूल बाँस था कि बबूल?

टीपा लिहा

उत्तर

बच्चे का स्पर्श पाकर कोई भी कठोर हृदय जल के समान पिघल जाए। बच्चे के स्पर्श से बाँस तथा बबूल जैसे काँटेदार वृक्ष से भी फूल झरने लगते हैं। उसी प्रकार बच्चे का स्पर्श पाकर कवि का भी नीरस मन प्रफुल्लित हो जाता है।

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यह दंतुरित मुसकान
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पाठ 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - यह दंतुरित मुसकान [पृष्ठ ४१]

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
यह दंतुरित मुसकान | Q 4.2 | पृष्ठ ४१

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भाव स्पष्ट कीजिए -

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात।


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“धूलि-धूसर तुम्हारे ये गात........
छोड़कर तालाब मेरी झोपड़ी में खिल रहे जलजात”

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'दंतुरित मुस्कान' का कवि स्वयं को चिर प्रवासी क्यों कह रहा है?


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